संकट में द.कोरिया की एयर फोर्सः 900 पायलट छोड़ गए नौकरी, देश की रक्षा तैयारियों पर उठे सवाल
punjabkesari.in Sunday, May 03, 2026 - 03:16 PM (IST)
International Desk: दक्षिण कोरिया में वायुसेना को बड़ा झटका लगा है। पिछले लगभग एक दशक में करीब 900 पायलट बेहतर वेतन और सुविधाओं के लिए सिविल एयरलाइंस में नौकरी करने चले गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, Republic of Korea Air Force के 896 अनुभवी पायलटों ने 2017 से मार्च 2026 के बीच स्वेच्छा से सेवा छोड़ दी। इन पायलटों के पास 8 से 17 साल का अनुभव था और वे नए पायलटों को ट्रेनिंग देने में भी सक्षम थे। इनमें सबसे ज्यादा 730 फाइटर पायलट थे, जबकि 148 कार्गो पायलट और 18 हेलीकॉप्टर (रोटरी-विंग) पायलट शामिल हैं।
यह स्थिति देश की रक्षा तैयारियों के लिए चिंता का विषय मानी जा रही है। ज्यादातर पायलट Korean Air और Asiana Airlines जैसी बड़ी एयरलाइंस में शामिल हो गए। कुछ पायलट लो-कॉस्ट एयरलाइंस में भी गए हैं। रिपोर्ट बताती है कि कोरोना महामारी से पहले हर साल लगभग 100 पायलट वायुसेना छोड़ते थे, लेकिन 2021 में यह संख्या घटकर सिर्फ 7 रह गई थी। इसके बाद फिर से यह संख्या बढ़ने लगी और 2026 में भी यह ट्रेंड जारी है। पायलटों के नौकरी छोड़ने के मुख्य कारणों में एयर फोर्स और सिविल एयरलाइंस के बीच वेतन में बड़ा अंतर, सैन्य नौकरी का जोखिम और लगातार इमरजेंसी ड्यूटी का तनाव शामिल है।
इस समस्या को रोकने के लिए वायुसेना ने पायलटों के लिए अनिवार्य सेवा अवधि यर फोर्स अकादमी के पायलटों के लिए 15 साल और अन्य पायलटों के लिए 10 साल तय की है ए। हालांकि, कई पायलट इस अवधि के पूरा होते ही नौकरी छोड़ देते हैं। वायुसेना के एक अधिकारी के अनुसार, अब पायलटों को रोकने के लिए नई योजनाएं बनाई जा रही हैं और उनकी सुविधाओं को बेहतर करने पर काम किया जा रहा है। यह स्थिति दिखाती है कि बेहतर वेतन और जीवनशैली के कारण सैन्य क्षेत्र से प्रतिभा का पलायन बढ़ रहा है, जो भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता है।
