ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट का उल्लंघन करने के आरोप, सिंगापुर की अदालत ने भारतीय IT वेंडर को सुनाई सजा

punjabkesari.in Tuesday, Sep 29, 2026 - 08:25 AM (IST)

सिंगापुर : सिंगापुर में सोमवार को एक भारतीय नागरिक को 28 सप्ताह की जेल की सजा सुनाई गई। उस पर IT वेंडर के तौर पर काम करते हुए स्टेट कोर्ट्स की 18,000 से ज्यादा फाइलों की सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप था। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक 42 वर्षीय जनार्दनन तमिल कोवन ने 'ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट' के तहत स्टेट कोर्ट्स और सिंगापुर सरकार के दस्तावेजों की सुरक्षा को खतरे में डालने और उसे दिए गए सरकारी लैपटॉप में गैर-कानूनी बदलाव करने का जुर्म कबूल किया। एक तीसरे आरोप पर भी विचार किया गया।

उसने एक परिचित को लैपटॉप का रिमोट एक्सेस दिया था, लेकिन उस सेशन के दौरान कोई फाइल ट्रांसफर नहीं की गई। जून 2024 में लेनोवो PCCW सॉल्यूशंस के सर्विस डिलीवरी मैनेजर जनार्दनन को बाहरी IT वेंडर के तौर पर स्टेट कोर्ट्स में तैनात किया गया था। वह स्टेट कोर्ट्स की क्लाउड सिस्टम टीम के टीम लीडर थे, जो कोर्ट के अलग-अलग सिस्टम और एप्लिकेशन को मैनेज करती है।
जनार्दनन को लेनोवो थिंकपैड लैपटॉप दिया गया था, जो सरकार द्वारा मैनेज किया जाने वाला डिवाइस है और 'GovTech' की 'एक्सेप्टेबल यूज पॉलिसी' और लेनोवो की अपनी पॉलिसी के तहत आता है। दोनों पॉलिसी लैपटॉप में अनधिकृत एक्सेस और बदलाव करने पर रोक लगाती हैं। 

4 अगस्त 2025 को जनार्दनन ने 'सर्टिफाइड इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी मैनेजर' के तौर पर सर्टिफाइड होने के लिए, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी गवर्नेंस पर केंद्रित एक इंटरनेशनल प्रोफेशनल एसोसिएशन की परीक्षा देने के लिए लैपटॉप का इस्तेमाल करने का फैसला किया। उनका अपना लैपटॉप खराब था। जब वह सिक्योरिटी-प्रोटेक्टेड लैपटॉप को ऑपरेट नहीं कर पाए, तो जनार्दनन ने हरि बालन नाम के एक व्यक्ति से संपर्क किया, जिससे उन्होंने पहले WhatsApp पर IT से जुड़े कोर्स के बारे में बात की थी। कोर्ट के दस्तावेजों का हवाला देते हुए 'चैनल न्यूज एशिया' ने बताया कि बालन का IP एड्रेस भारत में था। 

कनेक्शन के समय जनार्दनन के लैपटॉप पर स्टेट कोर्ट्स की 18,016 फाइलें स्टोर थीं। एक फाइल को छोड़कर बाकी सभी फाइलें 'रिस्ट्रिक्टेड' (सीमित एक्सेस वाली) और 'नॉन-सेंसिटिव' (कम संवेदनशील) कैटेगरी में थीं। बची हुई एक फाइल 'रिस्ट्रिक्टेड' और 'सेंसिटिव (हाई)' कैटेगरी में थी। इन फाइलों में स्टेट कोर्ट्स के नेटवर्क के लिए लॉगिन क्रेडेंशियल, सीक्रेट कीज और नेटवर्क आर्किटेक्चर की जानकारी थी। 

14 अगस्त, 2025 को सिंगापुर की न्यायपालिका के कॉर्पोरेट सर्विसेज डिवीजन के एक प्रतिनिधि ने रिमोट डेस्कटॉप एप्लिकेशन के अनधिकृत इंस्टॉलेशन के बारे में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जनार्दनन की जांच क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट की टेक्नोलॉजी क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्रांच ने की। हालांकि फाइलों में किसी खास केस से जुड़ी संवेदनशील जानकारी नहीं थी, लेकिन उनमें ऐसी जानकारी थी जिसका इस्तेमाल उन सिस्टम्स तक अनधिकृत पहुंच पाने के लिए किया जा सकता था जिनमें संवेदनशील और गोपनीय जानकारी (जैसे केस की जानकारी और जजों के नोट्स) मौजूद थी। 

जनार्दनन ने सितंबर 2025 में माना कि उसकी हरकतों से फाइलों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई थी, रिमोट कनेक्शन बनने पर उन्हें ट्रांसफर या चोरी किया जा सकता था। डिप्टी पब्लिक प्रॉसिक्यूटर मैथ्यू चू ने 7 से 9 महीने की जेल की मांग की और कहा कि जनार्दनन को संवेदनशील जानकारी वाला लैपटॉप सौंपा गया था। चैनल ने चू के हवाले से कहा, 'स्टेट कोर्ट्स की क्लाउड सिस्टम टीम के टीम लीडर के तौर पर उसे पता होना चाहिए था कि लैपटॉप तक अनधिकृत पहुंच की इजाजत नहीं देनी है और न ही उसमें अनधिकृत बदलाव करने हैं। विडंबना यह है कि उसने ऐसा इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी का एग्जाम देने के लिए किया।' 

बचाव पक्ष के वकीलों एस. बालमुरुगन और ए. रविदास ने इसके बजाय तीन से चार महीने की जेल की मांग की। बालमुरुगन ने कहा कि उनके क्लाइंट के भारत में पत्नी और दो बच्चे हैं और उनका परिवार आर्थिक तंगी का सामना कर रहा है। हालांकि, डिस्ट्रिक्ट जज लॉरेन हो ने कहा कि नुकसान का खतरा बहुत ज्यादा था क्योंकि इससे सिस्टम पर हमला हो सकता था जिससे जनता में घबराहट और डर फैल सकता था। उन्होंने यह भी कहा कि दोषी ने एक अनजान विदेशी संस्था को अपने लैपटॉप के डेटा तक अनधिकृत पहुंच की इजाजत दी थी। 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Sanjeev

Related News