मनास्लु में हिमस्खलन का कहर, भारतीय मूल के जर्मन पर्वतारोही और नेपाली गाइड की मौ/त; 7 फीट बर्फ में मिले श/व
punjabkesari.in Sunday, Sep 20, 2026 - 11:43 PM (IST)
काठमांडूः दुनिया की आठवीं सबसे ऊंची चोटी माउंट मनास्लु के कैंप-3 में हिमस्खलन की चपेट में आने से भारतीय मूल के एक जर्मन पर्वतारोही और उसके नेपाली शेरपा गाइड की मौत हो गई। एक कंपनी के अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
इस अभियान का आयोजन करने वाली 'मकालू एडवेंचर' के प्रबंध निदेशक मोहन लम्सल ने बताया कि ध्रुव ज्योति गुहा और फुरसेम्बा शेरपा खराब मौसम के बावजूद कैंप 2 से ऊपर के कैंप की ओर बढ़े थे और शनिवार रात हिमस्खलन की चपेट में आ गए। उन्होंने बताया कि फुरसेम्बा शेरपा नेपाल के मकालू क्षेत्र के अनुभवी पर्वत गाइड थे, जबकि गुहा जर्मनी के निवासी थे। लम्सल ने बताया कि जब नेपाल में पहाड़ के कैंप 3 पर बचाव दल पहुंचा तो उनके शव लगभग सात फुट बर्फ से ढके हुए मिले।
उन्होंने कहा, "उनके टेंट के ऊपर भारी हिमस्खलन हुआ और दोनों पर्वतारोही बर्फ में दब गए।" लम्सल ने बताया कि कंपनी के छह अन्य पर्वतारोही, जिन्होंने कैंप-2 से वापस लौटने का फैसला किया था, सुरक्षित हैं, लेकिन खराब मौसम के बावजूद जल्दबाजी में आगे बढ़ने वाले दोनों पर्वतारोही हादसे का शिकार हो गए।
लम्सल के अनुसार, दोनों पर्वतारोहियों का अभियान के आयोजकों से संपर्क टूटने के बाद बचाव दल को कैंप-3 भेजा गया। उन्होंने बताया कि उनसे आखिरी बार शनिवार रात संपर्क हुआ था। उन्होंने कहा कि शवों को बेस कैंप तक लाने के प्रयास जारी हैं, जहां से मौसम अनुकूल रहने पर सोमवार को उन्हें काठमांडू ले जाने का अनुमान है। इन मौतों के साथ इस पर्वतारोहण सत्र में माउंट मनास्लु पर जान गंवाने वालों की संख्या चार हो गई है। अभियान आयोजक के अनुसार, इससे पहले सिंगापुर के एक पर्वतारोही और एक नेपाली गाइड की पर्वत पर अलग-अलग घटनाओं में मौत हो चुकी है।
