सऊदी की ईरान को खुली चेतावनी- हमले जारी रहे तो होगा “सबसे बड़ा नुकसान”
punjabkesari.in Monday, Mar 09, 2026 - 11:06 AM (IST)
International Desk: मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। सऊदी अरब ने सोमवार को ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उसने अरब देशों पर हमले जारी रखे तो उसे अब तक का “सबसे बड़ा नुकसान” उठाना पड़ेगा। यह चेतावनी उस नए ड्रोन हमले के बाद आई है जिसमें सऊदी अरब के विशाल शायबा तेल क्षेत्र को निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने हाल ही में दावा किया था कि ईरान ने खाड़ी के अरब देशों पर हमले रोक दिए हैं। लेकिन सऊदी अरब का कहना है कि यह दावा गलत साबित हुआ, क्योंकि ईरान ने हमले जारी रखे।विदेश मंत्रालय ने कहा “ईरानी पक्ष ने अपने बयान पर अमल नहीं किया। हमले बिना किसी ठोस कारण के जारी हैं और इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है।”सऊदी अरब के अनुसार इस तरह के हमलों से मौजूदा और भविष्य के संबंधों पर गंभीर असर पड़ सकता है।
ईरान में सत्ता परिवर्तन
इसी बीच ईरान में बड़ा राजनीतिक बदलाव हुआ है।ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की हाल ही में अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले में मौत के बाद उनके बेटे Mojtaba Khamenei को नया सर्वोच्च नेता घोषित किया गया है।ईरान की धार्मिक संस्था Assembly of Experts ने एक सप्ताह से अधिक समय तक चली बैठकों के बाद यह फैसला लिया।56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई को लंबे समय से इस पद का संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा था और उन्हें ईरान की शक्तिशाली अर्धसैनिक संस्था Islamic Revolutionary Guard Corps का करीबी माना जाता है।
वंशानुगत सत्ता को लेकर उठे सवाल
मोजतबा खामेनेई के चयन को लेकर ईरान के भीतर भी विवाद दिखाई दे रहा है।कई राजनीतिक हस्तियों ने कहा कि सर्वोच्च नेता का पद वंशानुगत रूप से देना इस्लामी गणराज्य की मूल भावना के खिलाफ है। हालांकि धार्मिक नेतृत्व का मानना है कि युद्ध की मौजूदा स्थिति में मजबूत और कठोर नेतृत्व जरूरी है। विश्लेषकों का मानना है कि मोजतबा खामेनेई अपने पिता से भी अधिक कट्टर रुख अपना सकते हैं। अब उनके पास ईरान की सशस्त्र सेनाओं और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े सभी महत्वपूर्ण फैसले लेने का अधिकार होगा। बताया जाता है कि इजराइल-ईरान संघर्ष के दौरान अमेरिकी हमलों में ईरान के कई परमाणु ठिकाने क्षतिग्रस्त हुए थे, लेकिन देश के पास अभी भी काफी मात्रा में संवर्धित यूरेनियम मौजूद है।
इजराइल और ट्रंप की कड़ी प्रतिक्रिया
इजराइल पहले ही कह चुका है कि ईरान का अगला सर्वोच्च नेता भी उसका “संभावित निशाना” हो सकता है।वहीं अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने भी इस फैसले की आलोचना की। ट्रंप ने कहा “खामेनेई का बेटा हमें स्वीकार नहीं है। हम चाहते हैं कि ईरान में ऐसा नेता आए जो शांति और सामंजस्य लाए।” ईरान की सैन्य संस्था रिवोल्यूशनरी गार्ड ने मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व का समर्थन किया है।ईरान समर्थित लेबनानी संगठन Hezbollah ने भी उनके समर्थन में बयान जारी किया है।विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटनाक्रम से मध्य पूर्व में पहले से चल रहे तनाव और संघर्ष के और तेज होने की आशंका बढ़ गई है।
