नहीं रहा दुनिया का सबसे बुजुर्ग शख्स, 7,000 से ज्यादा लोगों ने दी अंतिम विदाई, पीछे छोड़ गया 134 नाती-पोते
punjabkesari.in Thursday, Jan 15, 2026 - 08:18 PM (IST)
नेशनल डेस्क: सऊदी अरब के सबसे बुजुर्ग माने जाने वाले शख्स नासिर बिन रदान अल राशिद अल वदई का 142 वर्ष की उम्र में इंतकाल हो गया। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनका जनाजा दक्षिणी सऊदी अरब के धहरान अल जनूब में पढ़ाया गया, जिसके बाद उन्हें उनके पैतृक गांव अल राशिद में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। बताया जा रहा है कि 7,000 से ज्यादा लोग उन्हें आखिरी विदाई देने पहुंचे।
एक इंसान नहीं, चलता-फिरता इतिहास
नासिर अल वदई का जन्म उस दौर में हुआ था, जब सऊदी अरब का एकीकरण भी नहीं हुआ था। उन्होंने किंग अब्दुलअजीज से लेकर मौजूदा बादशाह किंग सलमान तक का शासनकाल देखा। उनका जीवन सऊदी अरब के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक बदलावों का जीवंत दस्तावेज माना जाता है। लोग उन्हें उस पीढ़ी का आखिरी गवाह बताते हैं, जिसने देश को कबीलाई समाज से आधुनिक राष्ट्र बनते हुए देखा।
Saudi Arabia’s oldest man, Nasser bin Radan Al-Rashid Al-Wada‘i, has passed away at 142. Born in 1884, he had 7 wives and a family of 134 including children and grandchildren. He last married at 110 with a 29 year old girl and wished to marry again at 130. pic.twitter.com/XdLfqS9Cxh
— Baba Banaras™ (@RealBababanaras) January 15, 2026
पीछे छोड़ गया 134 नाती-पोते
परिवार के अनुसार, नासिर अल वदई बेहद धार्मिक और सादा जीवन जीने वाले इंसान थे। उन्होंने अपने जीवन में 40 से अधिक बार हज अदा किया, जो अपने आप में एक असाधारण उपलब्धि मानी जाती है। यही वजह है कि लोग उन्हें सिर्फ लंबी उम्र का नहीं, बल्कि मजबूत आस्था, सब्र और संयम का प्रतीक मानते थे। बताया जाता है कि उन्होंने 110 साल की उम्र में आखिरी शादी की और बाद में एक बेटी के पिता भी बने। वो अपने पीछे 134 नाती-पोते छोड़ गया है।
सोशल मीडिया पर भावुक श्रद्धांजलि
उनके इंतकाल की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई। लोग उन्हें faith, patience और long life का प्रतीक बता रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि नासिर अल वदई सिर्फ एक व्यक्ति नहीं थे, बल्कि सऊदी अरब की चलती-फिरती इतिहास की किताब थे।
आज के दौर में जब उम्र को लेकर कई तरह की बहस होती रहती है, नासिर अल वदई की जिंदगी इंसानी हौसले, आस्था और सादगी की गहरी मिसाल बनकर सामने आती है। 142 साल की यह असाधारण यात्रा भले ही खत्म हो गई हो, लेकिन उनकी कहानी आने वाली पीढ़ियों को लंबी उम्र से ज्यादा, बेहतर और सार्थक जिंदगी जीने की प्रेरणा देती रहेगी।
