पाकिस्तान के क्वेटा में पश्तूनों ने PTM नेता अली वजीर की रिहाई को लेकर किया शक्ति प्रदर्शन

punjabkesari.in Wednesday, Dec 01, 2021 - 03:56 PM (IST)

क्वेटाः पाकिस्तान के क्वेटा में  पश्तून तहफुज आंदोलन (PTM) द्वारा पश्तून आंदोलन के नेता एमएनए अली वजीर और अन्य कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग करते हुए शक्ति प्रदर्शन का आयोजन किया गया । PTM के नेता अली वजीर दक्षिण वजीरिस्तान से नेशनल असेंबली के सदस्य भी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक  एक साल से जेल में बंद PTM नेता   वज़ीर को 16 दिसंबर, 2020 को सिंध पुलिस के अनुरोध पर पेशावर में गिरफ्तार किया गया था। वज़ीर को 6 दिसंबर को कराची में एक पीटीएम विरोध रैली में राज्य संस्थानों के खिलाफ अपमानजनक और भड़काऊ भाषण देने का आरोप  लगाया गया था।

 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बलूचिस्तान सरकार ने प्रांत में पीटीएम प्रमुख के प्रवेश पर रोक लगा दी है.। हालांकि, पीटीएम के प्रमुख मंजूर पश्तीन सभा में मौजूद थे और वजीर की रिहाई का जोरदार समर्थन कर रहे थे। पश्तून तहफुज मूवमेंट द्वारा आयोजित इस पावर शो में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया, जिसमें पश्तूनख्वा मिल्ली अवामी पार्टी (पीकेएमएपी) और अवामी नेशनल पार्टी (एएनपी) शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एएनपी के प्रांतीय अध्यक्ष, बलूचिस्तान असगर खान अचकजई भी विरोध प्रदर्शन में मौजूद थे। पत्रकार की गिरफ्तारी का विरोध दुनियाभर की कई संस्थाएं कर रही हैं।

 

बता दें कि उत्तरी वजीरिस्तान सीमावर्ती इलाका खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में है। अफगानिस्तान से लगे इस इलाके में पश्तूनों की अच्छी आबादी है। पाकिस्तान में पश्तूनों की आबादी (15%) है और यह देश की सबसे बड़ी अल्पसंख्यक आबादी है। पाकिस्तान प्रशासन पश्तूनों के आंदोलनों को लेकर हमेशा से ही सख्त रही है। पश्तून कार्यकर्ता इस इलाके में मानव अधिकारों के हनन का आरोप लगाते रहे हैं। पाकिस्तान इस इलाके में होनेवाले आंदोलनों के लिए अफगान और भारतीय इंटेलिजेंस को जिम्मेदार ठहराता है। पाकिस्तान ऐसे ही आरोप बलूचिस्तान इलाके के लिए भी लगाता रहा है। तालिबान को खत्म करने के हवाले से पाक सेना की सैन्य कार्रवाई में कई पश्तूनों की मौत की खबरें भी मीडिया में आई हैं।


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Content Writer

Tanuja

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