फटकार का असर ! PM शहबाज ने CPEC को लेकर चीन-पाक और तुर्की के बीच समझौते का रखा प्रस्ताव

punjabkesari.in Saturday, May 21, 2022 - 04:27 PM (IST)

पेशावरः पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने  शुक्रवार को महत्वाकांक्षी चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) को चीन, पाकिस्तान और तुर्की के बीच एक त्रिपक्षीय समझौते में तब्दील करने का प्रस्ताव रखा। पाकिस्तान के इस कदम का उद्देश्य तीनों मित्र देशों को CPEC से फायदा पहुंचाना है। शरीफ ने कराची शिपयार्ड एंड इंजिनियरिंग वक्स्र् के एक उदघाटन समारोह को संबोधित करते हुए यह कहा।

 

डॉन अखबार की खबर में प्रधानमंत्री को उद्धृत करते हुए कहा गया है, ‘‘व्यापार गतिविधियां वित्तीय एवं औद्योगिक गतिविधियों के विकसित होने से कई गुना बढ़ने की संभावना है। जारी सीपीईसी परियोजना क्षेत्रीय संपर्क और व्यापार बढ़ाने की हमारी आकांक्षा को मूर्त रूप देने वाला है, जिसके मुख्य केंद्र में ग्वादर बंदरगाह है।'' उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस अवसर का उपयोग CPEC को चीन, पाकिस्तान और तुर्की के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता में तब्दील करने का प्रस्ताव करने के लिए करना चाहूंगा तथा इसकी असीम क्षमताओं से हमारे राष्ट्रों को लाभान्वित होने दिया जाए। सीपीईसी 60 अरब डॉलर की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर इसका मार्ग गुजरने को लेकर भारत ने चीन के समक्ष विरोध दर्ज कराया है।  

 

बता दें कि चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग और शहबाज शरीफ के बीच गत सोमवार को हुई पहली बातचीत  दौरान  चीन के प्रधानमंत्री ने  शहबाज शरीफ  को फटकारते हुए पाकिस्तान में कार्यरत चीनी नागरिकों की सुरक्षा बढ़ाने और 60 अरब डॉलर की चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए दबाव बनाया था।  मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) परियोजनाओं के लिए पाकिस्तान में तैनात बड़ी संख्या में चीनी श्रमिकों ने पिछले महीने कराची विश्वविद्यालय में आत्मघाती बम हमले के बाद देश छोड़ना शुरू कर दिया था। इस हमले में चीनी भाषा के तीन शिक्षक मारे गए थे और एक अन्य घायल हो गया था।

 


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Content Writer

Tanuja

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