हाथ में ग्रेनेड लेकर स्कूल पहुंचा छात्र, भीषण बम विस्फोट में बच्चों समेत 52 से ज्यादा लोग घायल(Video)
punjabkesari.in Tuesday, Aug 18, 2026 - 06:14 PM (IST)
Kabul: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक स्कूल के पास हुए ग्रेनेड धमाके ने हड़कंप मचा दिया। पश्चिमी काबुल के दश्त-ए-बर्ची इलाके में Sham-e Hedayat प्राइवेट स्कूल के पास हुए विस्फोट में बच्चों समेत 52 से ज्यादा लोग घायल हो गए। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर एक ग्रेनेड स्कूल के छात्र के हाथ तक कैसे पहुंचा और वह कैसे फट गया? स्थानीय मीडिया के मुताबिक, तालिबान पुलिस के प्रवक्ता खालिद जादरान ने पुष्टि की कि धमाका हाथ से फेंके जाने वाले ग्रेनेड से हुआ था। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि ग्रेनेड किसके पास था या उसमें विस्फोट कैसे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ग्रेनेड एक छात्र के पास था और उसी दौरान विस्फोट हो गया। बताया गया है कि वह छात्र भी धमाके में घायल हुआ है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि छात्र को ग्रेनेड कहां से मिला और उसने उसे अपने पास क्यों रखा था।
🚨 GRENADE BLAST HITS KABUL SCHOOL
— GlobeUpdate (@Globupdate) August 18, 2026
A hand grenade exploded at Sham-e Hedayat Private School in Dasht-e Barchi as students were leaving
At least 52 people were injured
Witnesses said the grenade was thrown into the school compound from an alley#KABUL #高校野球 #Afghanistan pic.twitter.com/IA3xO0p4Dk
घटना सोमवार को पश्चिमी काबुल के दश्त-ए-बर्ची इलाके में हुई। यह घनी आबादी वाला क्षेत्र है और पहले भी यहां स्कूलों तथा शैक्षणिक संस्थानों को निशाना बनाकर कई घातक हमले हो चुके हैं। इलाके में बड़ी संख्या में हजारा और शिया समुदाय के लोग रहते हैं। पिछले कई वर्षों से यह क्षेत्र सुरक्षा चुनौतियों का सामना करता रहा है। धिकारियों ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि ग्रेनेड का विस्फोट महज एक हादसा था या इसके पीछे कोई जानबूझकर की गई कार्रवाई थी। अफगानिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत Richard Bennett ने घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसे बच्चों को नुकसान पहुंचाने वाला ‘घिनौना हमला’ बताया और घटना की पूरी व स्वतंत्र जांच की मांग की। Bennett ने कहा कि जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए। को भी अफगानिस्तान के भविष्य और संघर्ष के बाद की रिकवरी के लिए बड़ी चुनौती बताया है।
