Artemis 2 Space Toilet: अंतरिक्ष में NASA का 192 करोड़ का टॉयलेट हुआ जाम, वेस्ट फेंकने में नाकाम हुआ ओरियन, संकट में 4 एस्ट्रोनॉट्स
punjabkesari.in Thursday, Apr 09, 2026 - 01:41 PM (IST)
Artemis 2 Space Toilet: चंद्रमा के ऐतिहासिक सफर पर निकले Artemis 2 मिशन के दौरान एक दिलचस्प और हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। जहां एक तरफ दुनिया अंतरिक्ष यात्रियों के चांद के करीब पहुंचने का जश्न मना रही है, वहीं दूसरी ओर $23 मिलियन (करीब 192 करोड़ रुपये) का टॉयलेट अचानक खराब हो गया दरअसल, यानि 'यूरिन टैंक' (Urine Tank) को खाली करने में आ रही दिक्कतों ने NASA के पसीने छुड़ा दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
मिशन कंट्रोल के मुताबिक, ओरियन (Orion) कैप्सूल में लगा मॉडर्न टॉयलेट तकनीकी रूप से तो ठीक काम कर रहा है, लेकिन असली समस्या स्टोर किए गए वेस्ट (Urine) को अंतरिक्ष में बाहर निकालने (Venting) में आ रही है।

फ्लाइट डायरेक्टर रिक हेनफ्लिंग ने बताया कि टैंक को खाली करने वाला 'वेंट' उतना प्रभावी नहीं है जितना सोचा गया था। अंतरिक्ष यात्रियों ने टॉयलेट से एक रहस्यमयी जलने जैसी गंध (Burning smell) आने की भी शिकायत की है, हालांकि NASA का कहना है कि इससे मिशन को कोई खतरा नहीं है।
Houston, we have a problem ... with the toilet.
— AFP News Agency (@AFP) April 9, 2026
After a successful trip around the Moon, everything has been going smoothly on the Orion spacecraft’s journey back to Earth – except for the $23 million toilet, which is cloggedhttps://t.co/kQqAs54IvY pic.twitter.com/wfIG5M4sil
बर्फ नहीं, 'केमिकल लोचा' है वजह!
शुरुआत में वैज्ञानिकों को लगा था कि बाहरी नोजल पर बर्फ (Ice) जम गई होगी। इसे पिघलाने के लिए यान को सूरज की रोशनी की तरफ झुकाया गया और हीटर भी चलाए गए, लेकिन समस्या हल नहीं हुई। अब नई थ्योरी कुछ और ही इशारा कर रही है: रिक हेनफ्लिंग ने बताया, ताजा अनुमान यह है कि कचरे को साफ रखने के लिए इस्तेमाल होने वाले रसायनों (Chemicals) के बीच कोई रिएक्शन हुआ है। इस रिएक्शन से निकले मलबे (Debris) ने फिल्टर को जाम कर दिया है।
बैकअप प्लान पर काम
जब तक इस समस्या का समाधान नहीं निकलता, चारों अंतरिक्ष यात्री-रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन-टॉयलेट के बजाय अन्य वैकल्पिक तरीकों (Alternate means) का इस्तेमाल कर रहे हैं। NASA की अधिकारी लोरी ग्लेज ने कहा है कि असली वजह का पता तभी चलेगा जब शुक्रवार, 10 अप्रैल को यह यान पृथ्वी पर वापस लौट आएगा। सैन डिएगो के तट पर लैंडिंग के बाद ही वैज्ञानिक इस 'स्पेस टॉयलेट' की बारीकी से जांच कर पाएंगे।
