सनकी किंग ने फिर दुनिया को टेंशन में डाला; नई परमाणु ईंधन फैक्ट्री का किया उद्घाटन, कहा-अमेरिका की वजह से...
punjabkesari.in Thursday, Jun 04, 2026 - 02:15 PM (IST)
International Desk: उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने एक बार फिर दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु कार्यक्रम को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए परमाणु बमों के लिए ईंधन तैयार करने वाले एक नए कारखाने का उद्घाटन किया है। इस मौके पर देश के सर्वोच्च नेता Kim Jong Un ने देश की परमाणु क्षमता को "तेजी से" बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह सिर्फ एक फैक्ट्री नहीं, बल्कि परमाणु हथियारों के जखीरे को और बड़ा करने की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है। ऐसे समय में जब दुनिया पहले ही यूक्रेन युद्ध, मध्य पूर्व संकट और परमाणु तनावों से जूझ रही है, किम का यह कदम एशिया ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए नई चुनौती बन सकता है।
यूरेनियम संवर्धन संयंत्र होने का दावा
दक्षिण कोरिया की सेना के Joint Chiefs of Staff ने इस सुविधा को यूरेनियम संवर्धन संयंत्र बताया है। अधिकारियों का कहना है कि वे अमेरिका के साथ मिलकर उत्तर कोरिया की परमाणु गतिविधियों पर लगातार निगरानी रख रहे हैं। हालांकि दक्षिण कोरिया ने संयंत्र के स्थान और उसकी वास्तविक क्षमता के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
अधिक उन्नत तकनीक के उपयोग का दावा
उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी Korean Central News Agency (केसीएनए) ने दावा किया कि नए कारखाने में "अधिक परिष्कृत तकनीक" का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि एजेंसी ने तकनीकी विवरण साझा नहीं किए। सरकारी मीडिया द्वारा जारी तस्वीरों में एक विशाल हॉल दिखाई दिया, जहां बड़ी संख्या में सेंट्रीफ्यूज लगे होने की संभावना जताई जा रही है। इन सेंट्रीफ्यूज का उपयोग यूरेनियम को संवर्धित करने के लिए किया जाता है, जो परमाणु हथियारों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
किम ने उत्पादन योजना की समीक्षा की
केसीएनए के अनुसार, Kim Jong Un ने बुधवार को इस परमाणु सुविधा का दौरा किया और इसके संचालन तथा दीर्घकालिक उत्पादन योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को उत्पादन क्षमता बढ़ाने और परमाणु कार्यक्रम को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
अमेरिका को बताया वजह
उत्तर कोरिया लंबे समय से दावा करता रहा है कि अमेरिका और उसके सहयोगियों की सैन्य गतिविधियां उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं। इसी तर्क के आधार पर प्योंगयांग लगातार अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों का विस्तार करता रहा है। किम जोंग उन ने भी हाल के वर्षों में कई बार कहा है कि देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परमाणु हथियारों का भंडार बढ़ाना आवश्यक है।
क्यों बढ़ गई दुनिया की टेंशन?
ज्यादा परमाणु बम बनाने की क्षमता: नया यूरेनियम संवर्धन संयंत्र उत्तर कोरिया को हथियार-ग्रेड यूरेनियम बनाने की अधिक क्षमता देगा, जिससे वह और ज्यादा परमाणु बम तैयार कर सकता है।
अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए खतरा: उत्तर कोरिया पहले ही लंबी दूरी की मिसाइलें विकसित कर चुका है। यदि परमाणु हथियारों का भंडार बढ़ता है तो अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान की सुरक्षा चिंताएं और बढ़ जाएंगी।
हथियारों की नई दौड़ का खतरा: विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया की बढ़ती परमाणु क्षमता के जवाब में क्षेत्र के अन्य देश भी अपनी सैन्य ताकत बढ़ा सकते हैं, जिससे एशिया में हथियारों की नई दौड़ शुरू हो सकती है।
किसी भी गलत कदम का बड़ा परिणाम: उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच पहले भी कई बार तनाव चरम पर पहुंच चुका है। ऐसे में कोई भी सैन्य गलती या उकसावे वाली कार्रवाई बड़े क्षेत्रीय संकट में बदल सकती है।
संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों को चुनौती: उत्तर कोरिया पर पहले से अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगे हैं, लेकिन इसके बावजूद परमाणु कार्यक्रम का विस्तार यह संकेत देता है कि North Korea अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को रोकने के मूड में नहीं है।
