Video : बालों से घसीटा और कार में ठूंस ले गए किडनैपर्स... ISIS कवर करने वाली अमेरिकी पत्रकार बगदाद की सड़कों से अगवा
punjabkesari.in Tuesday, Mar 31, 2026 - 11:56 PM (IST)
इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिकी पत्रकार शेली किटलसन का मंगलवार शाम बगदाद में अज्ञात लोगों द्वारा अपहरण कर लिया गया। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, उन्हें अल-सादौन स्ट्रीट स्थित एक होटल के पास से अगवा किया गया जब वह शहर की सड़कों पर चहल-पहल थी, तभी कुछ अज्ञात नकाबपोश आए और एक जानी-मानी अमेरिकी पत्रकार को ठूंसकर ले गए। इस घटना में एक संदिग्ध को हिरासत में लिया गया है, लेकिन बाकियों की मौजूदा लोकेशन अब भी अज्ञात है।
इराक का गृह मंत्रालय ने पुष्टि की है कि “एक विदेशी पत्रकार को अज्ञात लोगों ने अगवा किया है” और आरोपियों को पकड़ने के लिए सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन शुरू कर दिया है। मंत्रालय ने बताया कि पीछा करने के दौरान अपहरणकर्ताओं की गाड़ी पलट गई, जिसके बाद एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
American 🇺🇸 journalist Shelly Kittleson has been kidnapped in central Baghdad, Iraq 🇮🇶 by unidentified perpetrators affiliated with Iranian 🇮🇷 backed Iraqi Shiite militias
— Saad Abedine (@SaadAbedine) March 31, 2026
There is no official confirmation yet, but @shellykittleson's colleagues whom I spoke to say her… https://t.co/Zn6tjbp83h pic.twitter.com/yTPlDMGer8
कौन हैं शेली किटलसन?
शेली किटलसन एक स्वतंत्र पत्रकार हैं, जिन्होंने दुनिया के कई संवेदनशील और संघर्षग्रस्त क्षेत्रों जैसे इराक, अफगानिस्तान और पूरे मिडिल ईस्ट से लंबे समय तक रिपोर्टिंग की है। वह हाल ही में ईरान को लेकर चल रहे अमेरिका-इजरायल युद्ध के प्रभाव को कवर करने के लिए इराक गई थीं।
उनकी रिपोर्ट्स Al Monitor, BBC, Politico, Foreign Policy और New Lines Magazine जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म्स पर प्रकाशित हो चुकी हैं। उन्होंने खासतौर पर इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खिलाफ लड़ाई के दौरान फ्रंटलाइन से रिपोर्टिंग कर अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी रिपोर्टिंग में इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया की भूमिका पर भी गहराई से विश्लेषण किया गया है।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे मामले
इराक में पत्रकारों के अपहरण का यह पहला मामला नहीं है। मार्च 2023 में रूसी-इजरायली शोधकर्ता एलिजाबेथ त्सुर्कोव का भी बगदाद के एक कैफे से अपहरण कर लिया गया था। उन्हें कताइब हिज्बुल्लाह ने 903 दिनों तक बंधक बनाकर रखा था, जिसके बाद उन्हें रिहा किया गया।
