इजरायली सेना ने विदेशी एक्टिविस्ट्स को बाल पकड़कर गिराया व हाथ बांधे, VIDEO देख अपने ही मंत्री पर भड़के नेतन्याहू
punjabkesari.in Thursday, May 21, 2026 - 03:10 PM (IST)
International Desk: गाजा युद्ध के बीच एक नया विवाद अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इजरायल को घेरता दिखाई दे रहा है। इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री Itamar Ben-Gvir द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो ने भारी विवाद खड़ा कर दिया है। वीडियो में गाजा के लिए मदद लेकर जा रहे विदेशी एक्टिविस्ट्स को इजरायली सुरक्षा बलों द्वारा हिरासत में लेते हुए दिखाया गया। कई एक्टिविस्ट्स को जमीन पर घुटनों के बल बैठाया गया था, उनके हाथ पीछे बांधे गए थे और माथा जमीन पर टिकवाया गया था। एक महिला एक्टिविस्ट को बाल पकड़कर गिराते हुए भी देखा गया।
🇮🇱 Israeli minister sparks outcry over video of tied-up flotilla activists
— AFP News Agency (@AFP) May 21, 2026
Israel's far-right national security minister posts a video showing detained activists from a Gaza-bound flotilla kneeling with their hands tied and foreheads on the ground while being brought to Israel… pic.twitter.com/NrvN0tnE6F
वीडियो को “Welcome to Israel” कैप्शन के साथ पोस्ट किया गया था। वीडियो के कुछ हिस्सों में इजरायल का राष्ट्रगान भी सुनाई देता है। सबसे ज्यादा आलोचना इस बात को लेकर हुई कि मंत्री बेन गवीर खुद हिरासत में लिए गए लोगों के बीच इजरायल का झंडा लहराते और उनका मजाक उड़ाते नजर आए। यह घटना तब हुई जब इजरायली सेना ने समुद्र के रास्ते गाजा की ओर बढ़ रहे “Global Sumud Flotilla” जहाजी काफिले को रोक लिया। इस काफिले में करीब 50 जहाज शामिल बताए गए, जो तुर्किये से रवाना हुए थे और गाजा की नाकेबंदी तोड़कर राहत सामग्री पहुंचाने का दावा कर रहे थे।

नेतन्याहू को भी करनी पड़ी आलोचना
मामला बढ़ने के बाद प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने भी अपने मंत्री की आलोचना की। उन्होंने कहा कि एक्टिविस्ट्स के साथ ऐसा व्यवहार “इजरायल की परंपराओं और मूल्यों के अनुरूप नहीं” है। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों को जल्द देश से बाहर भेजा जाएगा। इजरायल के विदेश मंत्री Gideon Sa'ar ने भी इस घटनाक्रम पर असहमति जताई।
अमेरिका समेत कई देशों ने जताई नाराजगी
- इजरायल में अमेरिका के राजदूत Mike Huckabee ने मंत्री की हरकत को “घिनौना” बताया।
- यूरोपीय आयोग की अधिकारी Hadja Lahbib ने कहा,
- “मानवता की रक्षा करने वालों को सजा नहीं मिलनी चाहिए।”
- इसके अलावा France, Belgium, Canada, Australia, New Zealand, Spain, Poland और Turkey ने भी इस घटना पर नाराजगी जताई।
- फ्रांस और बेल्जियम ने तो अपने यहां इजरायली राजदूतों को तलब तक कर लिया।
जहाजों को क्यों रोक रहा इजरायल ?
इजरायल का कहना है कि गाजा पर लागू समुद्री नाकेबंदी सुरक्षा कारणों से जरूरी है ताकि Hamas तक हथियार या संसाधन न पहुंच सकें। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने फ्लोटिला मिशन को “दुर्भावनापूर्ण योजना” करार दिया और कहा कि इसका उद्देश्य गाजा नाकेबंदी को तोड़ना था। दूसरी ओर हमास ने वीडियो को इजरायली नेतृत्व की “क्रूरता और नैतिक गिरावट” का प्रमाण बताया। गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद शुरू हुए युद्ध के बाद से गाजा में मानवीय संकट लगातार गहराता गया है। खाने, दवाइयों और राहत सामग्री की भारी कमी को लेकर अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां कई बार चिंता जता चुकी हैं।
