वेनेजुएला भूकंप के मलबे में दबी महिला ने जन्मा स्वस्थ बच्चा; भारी पत्थरों तले दबा 18 दिन का शिशु भी मिला जिंदा, चमत्कार के ये Video देख दुनिया हैरान
punjabkesari.in Sunday, Jun 28, 2026 - 04:05 PM (IST)
International Desk: उत्तरी वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप ने पूरे देश को झकझोर दिया है। अब तक 235 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 4,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं। सैकड़ों लोग अब भी मलबे में फंसे हैं और राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। इस भीषण त्रासदी के बीच दो ऐसी घटनाएं सामने आईं, जिन्होंने निराशा के माहौल में उम्मीद की नई किरण जगा दी।

मलबे तले गूंजी नवजात की पहली किलकारी
राजधानी कराकस में एक इमारत के मलबे के नीचे फंसी गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। चारों ओर तबाही, धूल और कंक्रीट के बीच बचाव दल ने मेडिकल टीम की मदद से वहीं सुरक्षित प्रसव कराया। महिला ने मलबे के नीचे ही एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। बचावकर्मियों ने मां और नवजात को प्राथमिक उपचार देने के बाद सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया, जहां दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है। इस घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग महिला की हिम्मत और बचाव दल की तत्परता की जमकर सराहना कर रहे हैं।
#CirculaEnRedes 👶🕊️ Un milagro de vida en medio de la tragedia
— xevt - xhvt (@xevtfm) June 26, 2026
En redes sociales se difundió un video que muestra el momento en que una mujer da a luz entre los escombros que dejaron los sismos registrados en Venezuela.
Las labores de búsqueda y rescate continúan pic.twitter.com/M56y0oXzsj
18 दिन का नवजात मलबे से जिंदा निकला
इसी भूकंप के दौरान एक और भावुक कर देने वाली घटना सामने आई। बचाव दल ने एक ढही हुई इमारत के मलबे के नीचे दबे 18 दिन के नवजात शिशु को जीवित बाहर निकाल लिया। जैसे ही मासूम को उसके पिता की गोद में सौंपा गया, वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। पिता अपने बच्चे को सीने से लगाकर भावुक हो उठे और आसपास मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर बचाव दल का स्वागत किया। इस भावुक पल का वीडियो सोशल मीडिया पर लाखों लोगों द्वारा देखा और साझा किया जा रहा है। सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि नवजात को निकालने के करीब 90 मिनट बाद बचावकर्मियों ने उसकी मां को भी उसी मलबे से जीवित बाहर निकाल लिया। मां और बच्चे दोनों के सुरक्षित मिलने से यह घटना पूरे राहत अभियान की सबसे प्रेरणादायक कहानियों में शामिल हो गई है।
WATCH:
— Lila Rose (@LilaGraceRose) June 28, 2026
An 18-day-old baby was rescued alive from rubble and embraced by her father following the destructive earthquakes in Venezuela
Thousands are still reportedly missing.
Pray for more survivors 🙏 pic.twitter.com/s7qYFY421f
भारी तबाही, सैकड़ों इमारतें ढहीं
भूकंप से कराकस, ला गुएरा और आसपास के कई इलाकों में भारी तबाही हुई है। सैकड़ों मकान और बहुमंजिला इमारतें ढह गईं। कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए। बिजली और संचार सेवाएं प्रभावित हुईं। राहतकर्मियों को लगातार आफ्टरशॉक और कमजोर इमारतों के कारण कठिन परिस्थितियों में काम करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार इस आपदा से वेनेजुएला को भारी आर्थिक झटका लग सकता है। अनुमान है कि देश को अपनी जीडीपी के लगभग 7 प्रतिशत के बराबर आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। बुनियादी ढांचे, आवास, परिवहन और सार्वजनिक सेवाओं को भारी क्षति पहुंची है।
भारत ने शुरू किया ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’
मानवीय सहायता के तहत भारत सरकार ने ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ शुरू किया है। इस अभियान के अंतर्गत भारतीय सेना के 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल से 41 सदस्यीय मेडिकल दल वेनेजुएला भेजा गया है। 9 अनुभवी सैन्य चिकित्सक, ट्रॉमा विशेषज्ञ, सर्जन, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मी शामिल हैं। भारतीय वायुसेना के दो विशेष विमानों से यह मेडिकल टीम वेनेजुएला पहुंची है। यह टीम प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं, गंभीर घायलों का उपचार, ट्रॉमा प्रबंधन, जीवनरक्षक सर्जरी, गहन चिकित्सा (ICU) सहायता उपलब्ध कराएगी। हजारों बचावकर्मी, सेना, दमकल कर्मी और स्वयंसेवक लगातार मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अभी भी कई लोग लापता हैं और अगले कुछ दिन राहत अभियान के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे।
