समझौते के लिए अमेरिका-ईरान के घुटने दबा रहा पाकिस्तान; खास संदेश लेकर तेहरान पहुंचे नकवी, नाजुक मोड़ पर फंसी डील

punjabkesari.in Sunday, Jun 07, 2026 - 12:56 PM (IST)

International Desk: पाकिस्तान पर कभी ईरान और अमेरिका  के बीच समझौते की डोर थामने की कोशिश करता नजर आ रहा है। समझौते के लिए कभी वह अमेरिका के घुटने दबा रहा है और कभी ईरान के । इसी कड़ी में  पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के लिए एक संदेश लेकर तेहरान पहुंचे हैं। नकवी शनिवार रात को ईरान पहुंचे और उनका स्वागत उनके समकक्ष एस्कंदर मोमेनी ने किया। दोनों की मुलाकात इस सप्ताह बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक के दौरान हुई थी। 'द डॉन' अखबार ने ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी 'इरना' के हवाले से बताया कि नकवी पाक रक्षा बलों के प्रमुख, फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का खामेनेई के लिए एक ''महत्वपूर्ण संदेश'' लेकर पहुंचे हैं।

 

राजनयिक सूत्रों ने बताया कि नकवी का मिशन पाकिस्तान के उन प्रयासों का हिस्सा था जिनका उद्देश्य इस साल की शुरुआत में इस्लामाबाद द्वारा कराए गए युद्धविराम समझौते को टूटने से रोकना और वाशिंगटन और तेहरान के बीच सार्थक बातचीत फिर से शुरू करने के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना था। ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच हफ्तों तक चले भीषण संघर्ष के बाद अप्रैल में हुआ युद्धविराम औपचारिक रूप से अब भी लागू है लेकिन खाड़ी क्षेत्र में और उसके आसपास हुई सैन्य घटनाओं के कारण इसे बार-बार चुनौती मिलती रही है। तेहरान रवाना होने से पहले गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से परामर्श किया। यह दौरा ऐसे अहम समय में हो रहा है जब पाकिस्तान की मध्यस्थता में महीनों से जारी समझौते की बातचीत अब आखिरी चरण में पहुंच गई है। अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता नाजुक मोड़ पर फंस गई है।

 

'द डॉन' ने बताया कि ईरानी सैन्य ठिकानों पर अमेरिकी हमलों और ईरान की जवाबी कार्रवाई से जुड़े हालिया घटनाक्रमों ने वार्ता में प्रगति के प्रयासों को और जटिल बना दिया है। इस गतिरोध के केंद्र में ईरान के समृद्ध यूरेनियम भंडार, उसके संवर्धन कार्यक्रम, प्रतिबंधों के भविष्य, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर असहमति है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार दावा किया है कि वार्ता सक्रिय रूप से जारी है और समझौते की दिशा में प्रगति हो रही है, हालांकि ईरानी अधिकारियों का रुख कहीं अधिक सतर्कता वाला है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हाल में कहा कि वार्ता में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है और तेहरान अब भी मध्यस्थों के माध्यम से भेजे गए प्रस्तावों की समीक्षा कर रहा है।  


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Content Writer

Tanuja

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