ताइवान से संबंधों कारण चीन ने लिथुआनिया को अपनी कस्टम सूची से हटाया, निर्यातक परेशान

punjabkesari.in Tuesday, Dec 07, 2021 - 04:18 PM (IST)

इंटरनेशनल डेस्क: चीन ने ताइवान के साथ संबंध बनाने के कारण लिथुआनिया को अपने कस्टम की रजिस्ट्री सूची से हटा दिया है जिस कारण अब बहुत सारा लिथुआनियाई सामान समुद्र में फंसा हुआ है।  एक मीडिया रिपोर्ट में एक लिथुआनियाई लकड़ी निर्यातक का हवाला देते हुए कहा  गया कि उनकी कंपनी के उत्पादों को शंघाई बंदरगाह में प्रवेश करने से रोक दिया गया था क्योंकि लिथुआनिया अब कंप्यूटर सिस्टम में नहीं है। उद्योगपतियों के लिथुआनियाई परिसंघ के अध्यक्ष विदमंतस जानुलेविसियस ने समाचार एजेंसी को बताया कि चीन की सीमा शुल्क प्रणाली में  लिथुआनिया कोई देश नहीं है।

 

इसका मतलब यह है कि लकड़ी निर्यातक जैसी फर्में, जिनके पास चीन जाने वाले 300 कंटेनर हैं, के उत्पाद अब अधर में फंस गए हैं। लिथुआनियाई विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि देश के निर्यातकों को साम्यवादी देश को माल निर्यात करने में समस्या का सामना करना पड़ा है। मंत्रालय ने कहा कि उसे "चीन में लिथुआनियाई उत्पादन के लिए संभावित व्यवधान" के बारे में रिपोर्ट मिली है और उसने लिथुआनियाई कंपनियों से संपर्क किया है। लिथुआनियाई नेशनल रेडियो एंड टेलीविज़न (LRT) ने बताया कि यह नए प्रतिबंधों के बारे में चीनी अधिकारियों से भी जानकारी जुटा रहा है। इसमें कहा गया है कि यह "यूरोपीय संघ के स्तर पर प्रतिक्रिया के बारे में" यूरोपीय आयोग के साथ भी संवाद कर रहा है।

 

बता दें कि बीजिंग ने ताइवान को विनियस में एक प्रतिनिधि कार्यालय स्थापित करने की अनुमति देने के लिए लिथुआनिया को दंडित करने के लिए यह कड़ा कदम उठाया है।  जबकि अगले साल लिथुआनिया ताइवान में अपना खुद का एक प्रतिनिधि कार्यालय खोलने की योजना बना रहा है। 21 नवंबर को चीन ने बीजिंग में बाल्टिक देश के राजदूत को प्रभारी डी'एफ़ेयर के पद पर पदावनत करके लिथुआनिया के साथ राजनयिक संबंधों को डाउनग्रेड कर दिया।

 


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Content Writer

Tanuja

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