दहशत का अंत ! लीबिया में तानाशाह गद्दाफी के बेटे की गोली मारकर हत्या, घर में घुसकर मारा देश का सबसे ताकतवर नेता
punjabkesari.in Wednesday, Feb 04, 2026 - 11:32 AM (IST)
International Desk: लीबिया के पूर्व तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी के बेटे और कभी देश के सबसे ताकतवर नेताओं में गिने जाने वाले सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। उनके कार्यालय और परिवार की ओर से जारी बयान के अनुसार, चार अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने उनके घर में घुसकर इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। बताया जा रहा है कि यह हमला उस समय हुआ जब सैफ अल-इस्लाम अपने घर के बगीचे में मौजूद थे। हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे और उन्होंने सीधे उन पर गोलियां चलाईं।
END OF GADDAFI ERA?
— Acholi goddd (@sk_bongomin93) February 4, 2026
Saif al-Islam Gaddafi,son of late Libyan leader Muammar Gaddafi, has been assassinated in Zintan.Four armed men fled the scene after shooting him.
He had declared intentions to stand for presidency & was the public's most beloved of all Gaddafi Children pic.twitter.com/lw5b05jlNr
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमले से पहले घर की सुरक्षा व्यवस्था को भी निष्क्रिय किया गया था। गंभीर रूप से घायल सैफ अल-इस्लाम की मौके पर ही मौत हो गई। सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी, अपने पिता मुअम्मर गद्दाफी के चार दशक लंबे शासनकाल में, उत्तराधिकारी और सत्ता के सबसे प्रभावशाली चेहरे माने जाते थे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लीबिया का प्रतिनिधित्व किया और पश्चिमी देशों के साथ रिश्ते सुधारने में अहम भूमिका निभाई थी। 2011 में गद्दाफी शासन के पतन के बाद सैफ अल-इस्लाम को एक पहाड़ी शहर में बंदी बनाकर रखा गया था, जहां उन्होंने लगभग एक दशक गुमनामी और कैद में बिताया।
रिहाई के बाद उन्होंने एक बार फिर राजनीति में वापसी की कोशिश की और राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की मंशा जताई, जिससे लीबिया की राजनीति में हलचल तेज हो गई थी। हालांकि हत्या के वक्त वे किसी आधिकारिक पद पर नहीं थे, लेकिन उनकी संभावित राजनीतिक वापसी को लेकर देश के भीतर कई धड़े सक्रिय थे। उनकी मौत ने लीबिया में पहले से मौजूद राजनीतिक अस्थिरता और तनाव को और बढ़ा दिया है। लीबियाई प्रशासन ने इस हत्याकांड की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक किसी संगठन या समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। सुरक्षा एजेंसियां हमलावरों की तलाश में जुटी हुई हैं।
