शारजाह में सजी “जश्न ए मोहब्बत” मुशायरे की महफिल, हिंदी और उर्दू का बजा डंका

punjabkesari.in Sunday, Dec 05, 2021 - 12:30 PM (IST)

दुबई: अरब देश में भारतीय कलाप्रेमी सैयद फ़रहान वास्ती द्वारा बनाई गई  संस्था “जश्न ए उर्दू”  भारतीय साहित्य और कलाओं का परचम बुलंद किए हुए है। इसी कड़ी में हाल में शारजाह में शायरी की महफ़िल सजाई गई जिसमें हिंदी और उर्दू का डंका बजाया गया। “जश्न ए मोहब्बत” के नाम से आयोजित इस मुशायरे में कई देशों के शायरों ने शिरकत की। मुशायरा में  आए मशहूर शायरों कवियों और अदीबों ने कहा कि “हिंदुस्तान के ज़बानो-अदब ने पूरी दुनिया को तहज़ीबो-अदब का पाठ पढ़ाया है। यह न केवल दो ज़ुबानें हैं बल्कि दुनिया में तहज़ीब के साथ जीने और ज़िंदगी बसर करने का सलीक़ा भी सिखाती हैं।”

 

इस अवसर पर हिंदी-उर्दू भाषा को बढ़ावा देने के लिए काम करने वालों को अवार्ड से सम्मानित भी किया गया। खाड़ी देश संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय मूल के निवासी सैयद फ़रहान वास्ती विगत कई वर्षों से उर्दू और हिन्दी ज़बान के बढ़ावा देने के लिए अपनी संस्था “जश्न ए उर्दू” के ज़रिए अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित करते आ रहे हैं। शारजाह के बेहद आलीशान “अल क़स्बा ऑडिटोरियम” में एक आलमी मुशायरे का आयोजन किया गया। इसमें एक ओर जहाँ उर्दू हमारी संस्कृति और भाषा के लिए बड़े स्तर पर काम करने वाले इमाद उल मलिक (दुबई), सरफ़राज़ मुक़द्दम (साउथ अफ़्रीका), परवेज़ अहमद (भारत) आदि को एक्सेलेंन्सी डॉ बू अब्दुलाह और सैयद फ़रहान वास्ती ने सम्मानित किया।

 

वहीं इस अवसर पर आलमी शोहरत याफ़्ता शायर तारिक़ सब्ज़वारी, अब्बास ताबिश, आसिम वास्ती, अदबफ़ अबरक, आलोक श्रीवास्तव, अहिया भोजपुरी, सैयद सरोश आसिफ़, सरफ़राज़ मुक़द्दम, सलीम चौहान, मूसा मलीहाबादी, तौसीफ़ ताबिश, वरुण आनंद आदि शायरों ने अपनी ग़ज़लों से दुनिया को मोहब्बत का पैग़ाम दिया। मुशायरे का संचालन जानेमाने शायर और टीवी पत्रकार आलोक श्रीवास्तव ने किया। मुशायरे के बाद सभी का शुक्रिया अदा करते हुए “जश्न ए उर्दू” के संस्थापक और संयोजक सैयद फ़रहान वास्ती ने कहा कि “हिंदुस्तान की तहज़ीब और संस्कृति हमेशा से दुनिया में हमारी पहचान रही है इसके लिए हमें लगातार ऐसे काम करते रहना होंगे।”


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Content Writer

Tanuja

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