बहरीन पर ईरानी हमले का वीडियो बनाकर जश्न मनाया, पाकिस्तान और बांग्लादेश के 6 लोग गिरफ्तार
punjabkesari.in Tuesday, Mar 10, 2026 - 12:55 PM (IST)
International Desk: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच बहरीन से चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बहरीन की सरकार ने 5 पाकिस्तानी और 1 बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि उन्होंने ईरान के हमले का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला और हमले का समर्थन करते हुए उसका जश्न मनाया। बहरीन के आंतरिक मंत्रालय के अनुसार यह कार्रवाई उस समय की गई जब ईरान ने जवाबी कार्रवाई में खाड़ी के देशों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
BREAKING: Bahrain just arrested 5 Pakistani nationals & 1 Bangladeshi for filming, praising Iran's missile & drone strikes on the kingdom, showing sympathy for the aggression & spreading fake news. Cybercrime unit cracked down fast-referred to prosecution! Zero tolerance for… pic.twitter.com/yYTDW1lDdO
— Global Pulse (@movielover93582) March 10, 2026
मनामा में हमले से मौत
मंत्रालय ने बताया कि मंगलवार तड़के राजधानी Manama के एक आवासीय इलाके पर ईरानी हमला हुआ। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हो गए। यह हमला उस समय हुआ जब क्षेत्र में अमेरिका और इजराइल के साथ ईरान का संघर्ष तेजी से बढ़ रहा है। जांच एजेंसियों के मुताबिक गिरफ्तार किए गए लोगों ने ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया। इसके साथ ही उन्होंने कथित तौर पर हमलों की प्रशंसा की और ईरान की कार्रवाई का समर्थन किया।
6 लोग गिरफ्तार
बहरीन प्रशासन ने इसे सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा और गलत सूचना फैलाने की कोशिश बताया है। बहरीन की पुलिस ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया है उनमें 5 पाकिस्तानी और 1 बांग्लादेशी नागरिक शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए पाकिस्तानियों के नाम अब्दुल रहमान अब्दुल सत्तार, अरसलान अली साजिद, मोहम्मद मोअज अकबर, अफजल खान और अहमद मुमताज बताए गए हैं।वहीं बांग्लादेशी नागरिक का नाम मोहम्मद इसराफेल मीर बताया गया है।
बहरीन की तेल कंपनी ने जारी किया ‘फोर्स मेज्योर’ नोटिस
क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच बहरीन की सरकारी ऊर्जा कंपनी Bahrain Petroleum Company ने भी अपने संचालन को लेकर “फोर्स मेज्योर” नोटिस जारी किया है।इसका मतलब है कि क्षेत्रीय संघर्ष और सुरक्षा जोखिमों के कारण कंपनी के संचालन पर असर पड़ सकता है। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका और इजराइल के साथ जारी युद्ध के बीच ईरान अब उन खाड़ी देशों को भी निशाना बना रहा है जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं।
