दुनिया की पहली ऐसी कंपनी जो नाप रही कर्मचारियों की हंसी, नया सिस्टम लगाया और कहा- "काम पर हो तो ठीक से हंसो'"

punjabkesari.in Tuesday, Jul 23, 2024 - 03:10 PM (IST)

International Desk: पूरी दुनिया में चाहे किसी भी देश के लोग हों वे घर के बाद दफ्तर या वर्कप्लेस पर ज्यादा वक्त बिताते हैं। ऐसे में वहां का माहौल खुशनुमा और सर्वाइवल होना जरूरी हो जाता है। हालांकि चीन-जापान समेत एशिया के कई ऐसे देश भी हैं जहां टार्गेट पूरा न होने पर सजा या यातनाएं दी जाती हैं और कई बार तो    इस्तीफा भी  ले लिया जाता है। वर्कप्लेस पर कर्मचारियों के साथ व्यवहार और उसके वर्क प्रेशर को लेकर एक ऐसी खबर जापान से आई है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक जापान की सुपरमार्केट चेन AEON अपने कर्मचारियों की मुस्कुराहट और हंसी को भी नापना शुरू कर दिया रहा है ताकि वो जॉब में फिट रह सकें।

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रिपोर्ट्स के मुताबिक जापान की सुपरमार्केट चेन AEON ने एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम बनाया है, जो कर्मचारियों की हंसी का विश्लेषण करेगा और बताएगा कि उन्हें कितना और कैसे हंसना है। 1 जुलाई से ये सिस्टम काम कर रहा है और इस तरह AEON दुनिया की पहली कंपनी बन गई है, जो ऐसा कर रही है। देश भर में 250 दुकानों वाले इस सुपरमार्केट की ओर से “Mr Smile” नाम के सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है।
 

कैसे काम करता है AI सिस्टम ?
इस सिस्टमको जापान की टेक कंपनी InstaVR ने बनाया है। ये बताता है कि शॉप असिस्टेंट का सर्विस एटीट्यूड कैसा होना चाहिए।चेहरे के भावों, आवाज़ और ग्रीटिंग के तरीके से जुड़े इसमें कुल 450 एलीमेंट्स बनाए गए हैं।इसमें चैलेंजिंग स्कोर्स होंगे, तो कर्मचारियों को एक गेम की तरह एक-दूसरे को बीट करने के लिए उत्साहित करेंगे।इसे 8 स्टोर्स के 3500 कर्मचारियों पर इस्तेमाल किया गया और देखने को मिला कि 3 महीने में काफी कारगर साबित हुआ। हालांकि जापान में इस खबर के बाद फिर से कर्मचारियों के हितों को लेकर डिबेट छिड़ गई है। 

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कार्यस्थल पर बढ़ सकता तनाव
आलोचकों का तर्क है कि "मिस्टर स्माइल" जैसी एआई प्रणालियों के माध्यम से मानकीकृत मुस्कान को अनिवार्य बनाने से कार्यस्थल पर तनाव बढ़ सकता है और "कासु-हारा" में योगदान हो सकता है, जो जापान के सेवा उद्योग में प्रचलित ग्राहक उत्पीड़न का एक रूप है। जापान के सबसे बड़े संघ यूए जेनसेन द्वारा सर्वेक्षण किए गए 30,000 सेवा कर्मचारियों में से लगभग आधे ने इस तरह के उत्पीड़न का अनुभव करने की सूचना दी। भावनात्मक श्रम को लागू करने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने के नैतिक निहितार्थों के बारे में चिंताएँ व्यक्त की गई हैं, जो संभावित रूप से कार्यस्थल में कर्मचारियों के गोपनीयता और प्रामाणिक आत्म-अभिव्यक्ति के अधिकारों का उल्लंघन करती हैं। 

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क्या है  "कासु-हारा" ?
"कासु-हारा," जापानी शब्द ग्राहक उत्पीड़न के लिए, सेवा कर्मचारियों के प्रति ग्राहकों के अनुचित और अक्सर अपमानजनक व्यवहार को संदर्भित करता है। इसमें मौखिक दुर्व्यवहार, अत्यधिक मांग और अन्य प्रकार के दुर्व्यवहार शामिल हो सकते हैं। जापान के सबसे बड़े संघ यूए ज़ेन्सेन द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, लगभग 30,000 सेवा कर्मचारियों में से लगभग आधे ने इस तरह के उत्पीड़न का अनुभव किया। यह उन कर्मचारियों द्वारा सामना किए जाने वाले पहले से ही चुनौतीपूर्ण वातावरण को उजागर करता है।

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भावनात्मक श्रम लागू करने वाले AI के साथ नैतिक चिंताएं
कार्यस्थल का बढ़ा हुआ तनाव: मानकीकृत मुस्कान को लागू करने के लिए एआई सिस्टम लागू करने से सेवा कर्मचारियों पर दबाव बढ़ सकता है। वे लगातार निगरानी और निर्णय महसूस कर सकते हैं, जिससे तनाव और चिंता बढ़ जाती है। यह निरंतर निगरानी एक शत्रुतापूर्ण कार्य वातावरण पैदा कर सकती है, जिससे समग्र नौकरी संतुष्टि कम हो सकती है और संभावित रूप से मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ सकता है।   चेहरे के भावों की निगरानी और अनिवार्य करने के लिए एआई का उपयोग करने से कर्मचारियों की गोपनीयता का उल्लंघन हो सकता है। श्रमिकों को लग सकता है कि उनकी व्यक्तिगत जगह में हस्तक्षेप किया जा रहा है, क्योंकि उनके प्राकृतिक व्यवहार और भावनाओं को तकनीकी निगरानी में लिया जाता है।  


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Content Writer

Tanuja

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