मिडिल ईस्ट जंग में दो तरफ खेल रहा पाकिस्तान? सऊदी को सुरक्षा का भरोसा, ईरान से भी लगातार बातचीत
punjabkesari.in Wednesday, Mar 11, 2026 - 11:24 PM (IST)
इंटरनेशनल डेस्कः मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध जैसे हालात के बीच पाकिस्तान की कूटनीति चर्चा में आ गई है। एक तरफ पाकिस्तान सउदी अरब को सुरक्षा और समर्थन का भरोसा दे रहा है, तो दूसरी ओर वह ईरान के साथ भी लगातार संपर्क बनाए हुए है।
इसी कारण कई विश्लेषक कह रहे हैं कि पाकिस्तान इस संकट में दोनों पक्षों के साथ संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है।
सऊदी अरब को दिया समर्थन का भरोसा
बुधवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता मुशर्रफ जैदी ने कहा कि पाकिस्तान हर हाल में सऊदी अरब की मदद के लिए तैयार है। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि पाकिस्तान और सऊदी अरब के रिश्ते हमेशा से मजबूत रहे हैं और दोनों देश कठिन समय में एक-दूसरे के साथ खड़े रहते हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “यह सवाल ही नहीं उठता कि पाकिस्तान सऊदी अरब की मदद करेगा या नहीं। अगर जरूरत पड़ी तो पाकिस्तान हर हाल में सऊदी के साथ खड़ा होगा।”
ईरान के राष्ट्रपति से भी की बातचीत
उसी दिन प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मसूद पेज़ेशकियन से फोन पर बातचीत भी की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई और कहा कि पाकिस्तान शांति, स्थिरता और कूटनीतिक संवाद को बेहद जरूरी मानता है। शरीफ ने कहा कि हालात को और खराब होने से रोकने के लिए सभी देशों को संयम और जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान ईरान के साथ अपने ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को बहुत महत्व देता है और दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करना चाहता है।
इस पर ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने भी कहा कि ईरान पाकिस्तान के साथ अपने रिश्तों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है और दोनों देश क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं।
ईरान के नए सुप्रीम लीडर को दी बधाई
इसी बीच पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को बधाई भी दी है। इससे साफ संकेत मिलता है कि पाकिस्तान ईरान के साथ भी अपने संबंध बनाए रखना चाहता है।
सऊदी-पाकिस्तान रक्षा समझौते की चर्चा
सऊदी अरब पर ईरानी हमलों के बाद पाकिस्तान और सऊदी के बीच हुए Strategic Mutual Defense Agreement (SMDA) की भी काफी चर्चा हो रही है। यह समझौता सितंबर 2025 में हुआ था। इस रक्षा समझौते के अनुसार अगर किसी एक देश पर हमला होता है तो उसे दोनों देशों पर हमला माना जाएगा। इसी वजह से मौजूदा हालात में पाकिस्तान की भूमिका और भी अहम मानी जा रही है।
अमेरिका-इजरायल हमलों के बाद बढ़ा तनाव
मिडिल ईस्ट में तनाव उस समय और बढ़ गया जब United States और Israel के हवाई हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामनेई और कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौत हो गई। इसके बाद तेहरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया।
पाकिस्तान ने कहा – क्षेत्रीय युद्ध रोकना जरूरी
मौजूदा हालात पर बात करते हुए मुशर्रफ जैदी ने कहा कि पाकिस्तान की कोशिश है कि यह टकराव पूरे क्षेत्रीय युद्ध में न बदल जाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का उद्देश्य अपने करीबी साझेदार देशों को किसी बड़े युद्ध में फंसने से बचाना है, क्योंकि इससे पूरे मध्य पूर्व की स्थिरता और आर्थिक समृद्धि को खतरा हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी दोहराया कि अगर सऊदी अरब को किसी भी तरह की मदद की जरूरत पड़ती है, तो पाकिस्तान उसके साथ खड़ा रहेगा।
