ईरान ने छोड़ी एक ऐसी नई मिसाइल, जिसने पहली बार ही में इज़राइल के ऊर्जा ठिकानों को कर दिया ध्वस्त

punjabkesari.in Friday, Mar 20, 2026 - 01:36 PM (IST)

इंटरनेशनल डेस्क : मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने एक बार फिर बड़ा सैन्य कदम उठाया है।Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने 'Operation True Promise-4' के तहत 65वीं लहर में इज़राइल पर बड़ा मिसाइल हमला किया है। इस हमले में पहली बार एक नई मिसाइल 'नसरल्लाह' (Nasrallah Missile) का इस्तेमाल किया गया, जिसे ईरान अपनी आधुनिक सैन्य क्षमता का प्रतीक बता रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में इज़राइल के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया गया।

हमला क्यों किया गया?

ईरान का दावा है कि यह हमला साउथ पार्स गैस फील्ड पर हुए पहले हमले के जवाब में किया गया है। इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है, जिससे ऊर्जा संसाधनों और सैन्य टकराव दोनों पर असर पड़ने की आशंका है।

क्या है नसरल्लाह मिसाइल?

यह मिसाइल ईरान द्वारा विकसित एक उन्नत बैलिस्टिक मिसाइल मानी जा रही है, जो पुरानी Qadr (Ghadr) सीरीज का एडवांस वर्जन है। इसका नाम हिज़्बुल्लाह के पूर्व नेता हसन नसरल्लाह के नाम पर रखा गया है, जो एक प्रतीकात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

मिसाइल की प्रमुख खासियतें

नसरल्लाह मिसाइल को अत्याधुनिक तकनीक से लैस बताया जा रहा है। इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • इसमें एक साथ कई वारहेड ले जाने की क्षमता है, जिससे एक ही हमले में कई लक्ष्य प्रभावित हो सकते हैं।
  • यह प्रिसीजन-गाइडेड है, यानी अपने टारगेट को ज्यादा सटीकता से भेद सकती है।
  • इसकी रेंज लगभग 1500 से 2000 किलोमीटर या उससे अधिक बताई जा रही है, जिससे दूर-दराज के लक्ष्य भी निशाने पर आ सकते हैं।
  • इसकी गति बहुत तेज (Mach 5+) है, जिससे इसे रोकना मुश्किल हो जाता है।
  • इसे अकेले नहीं बल्कि ड्रोन और अन्य मिसाइलों के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे रक्षा प्रणाली को चुनौती मिलती है।

किस तरह के ठिकानों को निशाना बना सकती है?

विशेषज्ञों के अनुसार यह मिसाइल खास तौर पर महत्वपूर्ण ठिकानों जैसे तेल रिफाइनरी, एयरबेस, सैन्य कमांड सेंटर और अन्य हाई-वैल्यू टारगेट्स को निशाना बनाने के लिए डिजाइन की गई है। इसकी सटीकता और ताकत इसे एक प्रभावी हथियार बनाती है।

वैश्विक चिंता क्यों बढ़ी?

नसरल्लाह मिसाइल की क्षमताएं जैसे लंबी दूरी, उच्च सटीकता और मल्टी-वारहेड मध्य पूर्व में सैन्य संतुलन को प्रभावित कर सकती हैं। यह क्षेत्र में ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाकर व्यापक संघर्ष को जन्म दे सकती है, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है।

ईरान की सैन्य ताकत पर सवाल और जवाब

हाल के हमलों और लगातार जारी अभियानों से यह साफ है कि ईरान की मिसाइल क्षमता अभी भी सक्रिय है। IRGC का कहना है कि उनके मोबाइल लॉन्चर और अंडरग्राउंड सुविधाएं सुरक्षित हैं और वे अपने सैन्य अभियानों को जारी रखेंगे। इससे यह संकेत मिलता है कि ईरान अपनी सैन्य ताकत को बनाए रखने में सक्षम है।

नेतन्याहू के दावों पर सवाल

बेंजामिन नेतन्याहू ने पहले दावा किया था कि ईरान की मिसाइल और परमाणु क्षमता काफी हद तक खत्म हो चुकी है। लेकिन लगातार हो रहे हमलों और नई मिसाइल के इस्तेमाल ने उनके इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


 


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Content Editor

Mehak

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