अमेरिका की नाकेबंदी पर ईरान का गुस्सा आसमान पर, खाड़ी बंदरगाहों पर हमले की खुली धमकी दी
punjabkesari.in Monday, Apr 13, 2026 - 02:53 PM (IST)
International Desk: ईरान (Iran) और अमेरिका (United States) के बीच तनाव और बढ़ गया है। अमेरिका द्वारा होर्मुज व ईरान के बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों पर नाकेबंदी की घोषणा के बाद ईरान ने कड़ा जवाब दिया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि Persian Gulf और Gulf of Oman में स्थित कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, “इस क्षेत्र में सुरक्षा या तो सभी के लिए होगी या किसी के लिए भी नहीं।” ईरानी सेना ने साफ कहा कि अगर अमेरिका ने नाकेबंदी लागू की, तो पूरे क्षेत्र में जहाजों और बंदरगाहों को खतरा हो सकता है। इस बयान को एक सीधी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
अमेरिका का क्या है प्लान?
United States की सेना ने घोषणा की है कि वह ईरान के सभी बंदरगाहों पर आने-जाने वाले समुद्री ट्रैफिक को रोक देगी। इसका उद्देश्य ईरान की तेल और गैस निर्यात प्रणाली को बाधित करना है, जो उसकी अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है। हालांकि अमेरिका ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह Strait of Hormuz से गुजरने वाले अन्य देशों के जहाजों को नहीं रोकेगा, ताकि वैश्विक व्यापार प्रभावित न हो।
ब्रिटेन ने बनाई दूरी
इस बीच United Kingdom के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने साफ कहा है कि ब्रिटेन इस नाकेबंदी का समर्थन नहीं करेगा।उन्होंने जोर दिया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखना जरूरी है। यह बयान बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि United Kingdom ने साफ संकेत दे दिया है कि वह United States की सैन्य रणनीति से पूरी तरह सहमत नहीं है।Keir Starmer का कहना है कि Strait of Hormuz दुनिया का सबसे अहम समुद्री तेल मार्ग है। यहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस दुनिया भर में सप्लाई होती है। अगर इस रास्ते को बंद किया गया या वहां तनाव बढ़ा, तो पूरी दुनिया में तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं और आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।
क्यों अहम है यह क्षेत्र?
Strait of Hormuz और आसपास के समुद्री रास्ते दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग हैं। यहां किसी भी तरह का संघर्ष वैश्विक तेल सप्लाई को प्रभावित कर सकता है
कीमतों में भारी उछाल ला सकता है जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार को नुकसान पहुंचा सकता है। अमेरिका की नाकेबंदी और ईरान की धमकी ने मिडिल ईस्ट को एक खतरनाक मोड़ पर ला खड़ा किया है। अगर स्थिति नहीं संभली, तो यह टकराव न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक संकट में बदल सकता है।
