''जबतक सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत का बदला नहीं लिया जाता, तबतक युद्ध जारी रहेगा'', ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का बड़ा बयान
punjabkesari.in Saturday, Mar 07, 2026 - 10:34 PM (IST)
इंटरनेशनल डेस्कः मध्य-पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान ने साफ कहा है कि जब तक उसके सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत का बदला नहीं लिया जाता, तब तक दुश्मनों के खिलाफ युद्ध जारी रहेगा। यह बयान ईरान की संसदीय राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की ओर से जारी किया गया है, जिसकी जानकारी ईरान के सरकारी मीडिया ने दी।
समिति ने अपने बयान में कहा कि खामेनेई की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलने तक संघर्ष खत्म नहीं होगा। उनके मुताबिक ईरान अपने नेता की मौत को हल्के में नहीं लेगा और इसके लिए जिम्मेदार ताकतों से बदला जरूर लिया जाएगा।
खामेनेई की मौत के बाद ईरान का कड़ा रुख
सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने काफी सख्त रुख अपनाया है। ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि देश के दुश्मनों के खिलाफ लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक खामेनेई की मौत का बदला नहीं लिया जाता। सरकार से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि राष्ट्रीय सम्मान और सुरक्षा का मामला है, इसलिए ईरान पीछे हटने वाला नहीं है।
अमेरिकी ठिकानों पर हमले का मिलेगा जवाब
ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय के उप प्रमुख ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि तेहरान किसी भी तरह के दबाव के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर क्षेत्र में मौजूद अमेरिका के सैन्य ठिकानों से ईरान पर हमला किया गया तो ईरान की सेना उसका करारा जवाब देगी। अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर पड़ोसी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए किया गया, तो ईरान उन ठिकानों को भी निशाना बना सकता है।
ट्रंप की धमकी से बढ़ी चिंता
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक पोस्ट कर ईरान को कड़ी चेतावनी दी। ट्रंप ने अपने पोस्ट में ईरान को “हारा हुआ देश” बताते हुए कहा कि आज ईरान पर बहुत बड़ा और तगड़ा प्रहार किया जाएगा। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
पश्चिम एशिया पर टिकी दुनिया की नजर
डोनाल्ड ट्रंप के इस आक्रामक बयान के बाद अब पूरी दुनिया की नजरें पश्चिम एशिया पर टिकी हुई हैं। यह आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका और इजराइल मिलकर ईरान के खिलाफ कोई बड़ा सैन्य अभियान शुरू कर सकते हैं। विश्लेषकों का मानना है कि अगर ऐसा हुआ तो इसका असर पूरे मध्य-पूर्व ही नहीं बल्कि वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है।
क्षेत्र में बढ़ सकता है बड़ा संघर्ष
ट्रंप के सख्त रुख और ईरान की बदले की कसम के बाद क्षेत्र में हालात और अधिक गंभीर हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर दोनों पक्ष पीछे नहीं हटते, तो यह टकराव एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है, जिसका असर कई देशों पर पड़ सकता है।
