ईरान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू, सरकार ने दिया 72 घंटे का अल्टीमेटम (Video)
punjabkesari.in Tuesday, Jan 20, 2026 - 02:42 PM (IST)
International Desk: ईरान में दिसंबर के अंत से शुरू हुए व्यापक जनप्रदर्शन के बीच सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। ईरान के पुलिस प्रमुख अहमद-रेजा रादान ने ‘दंगाइयों’ को तीन दिन के भीतर आत्मसमर्पण करने का अल्टीमेटम जारी किया है। पुलिस प्रमुख ने सरकारी टीवी पर कहा कि जो युवा “भ्रमित होकर” प्रदर्शनों में शामिल हुए, वे यदि सरेंडर कर दें तो उनके साथ नरमी बरती जाएगी। लेकिन चेतावनी दी गई है कि तय समय में आत्मसमर्पण न करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
🚨🇮🇷 IRAN LAW ENFORCEMENT CHIEF: RIOTERS HAVE 3 DAYS TO SURRENDER FOR MAJOR SENTENCE REDUCTION
— Mario Nawfal (@MarioNawfal) January 19, 2026
"Those who participated in the riots but were deceived have 3 days to turn themselves in.
They will receive a significant reduction in their sentence"
Source: @IranObserver0 pic.twitter.com/WlfeNdiG40
बीते साल के अंत में शुरू हुए ये प्रदर्शन बढ़ती महंगाई, बेरोज़गारी और ईरानी मुद्रा के तेज़ अवमूल्यन के खिलाफ थे। लेकिन जल्द ही ये आंदोलन सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की सत्ता को चुनौती देने वाली मांगों में बदल गए। इसे हाल के वर्षों में ईरानी शासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि शुरुआत में शांतिपूर्ण रहे प्रदर्शन बाद में हिंसक हो गए और इसके पीछे अमेरिका व इजरायल जैसे ईरान-विरोधी देशों की साजिश थी। इसी बीच, ईरान ने इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं और अंतरराष्ट्रीय कॉल्स पर भी रोक लगा दी, जिससे वास्तविक हालात की जानकारी बाहर नहीं आ सकी।
अधिकारियों का कहना है कि इंटरनेट धीरे-धीरे बहाल किया जाएगा। सोमवार को कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका के प्रमुखों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि वे “जीविका और आर्थिक समस्याओं के समाधान के लिए दिन-रात काम करेंगे।” राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ और न्यायपालिका प्रमुख घोलामहुसैन मोहसिनी एजई ने हिंसा भड़काने वालों को कड़ी सजा देने की बात दोहराई।
इस बीच, मानवाधिकार संगठनों ने हालात पर गंभीर चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि ईरान मौत की सजा को डराने के हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। UN के मुताबिक, चीन के बाद ईरान दुनिया में सबसे ज्यादा फांसी देने वाला देश है और पिछले साल करीब 1,500 लोगों को फांसी दी गई। ईरान ह्यूमन राइट्स नामक एनजीओ का दावा है कि सुरक्षाबलों की कार्रवाई में अब तक 3,428 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है, जबकि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। वहीं, सरकार ने करीब 3,000 गिरफ्तारियों की बात कही है, लेकिन मानवाधिकार समूहों के अनुसार यह आंकड़ा 20,000 तक पहुंच सकता है।
