बजट 2026 में भारत ने बांग्लादेश-मालदीव को सिखाया सबक, इन देशों के लिए खोला खजाना, चाबहार पोर्ट के लिए...

punjabkesari.in Monday, Feb 02, 2026 - 06:30 PM (IST)

International Desk: केंद्रीय बजट 2026 में भारत ने अपनी पड़ोसी और मित्र देशों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता में बड़ा फेरबदल किया है। बजट के अनुसार, भारत ने बांग्लादेश को दी जाने वाली सहायता को आधा कर दिया है और मालदीव की आर्थिक मदद में भी 8 प्रतिशत की कटौती की है, जबकि नेपाल, भूटान, श्रीलंका और मॉरीशस जैसे मित्र देशों के लिए आवंटन बढ़ाया गया है। बजट दस्तावेजों के अनुसार, बांग्लादेश के लिए आवंटन को 2025-26 के 120 करोड़ रुपये से घटाकर 2026-27 के लिए 60 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसे अगस्त 2024 में शेख हसीना के सत्ता छोड़ने और मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बनी अंतरिम सरकार के बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों में आई खटास से जोड़कर देखा जा रहा है।

 

इसके अलावा, भारत ने ईरान के चाबहार बंदरगाह परियोजना के लिए इस वर्ष कोई भी राशि आवंटित नहीं की है। जबकि 2024-25 में इस परियोजना पर 400 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे और 2025-26 के संशोधित अनुमान में भी 400 करोड़ रुपये का प्रावधान था। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब भारत ने 2024 में ईरान के चाबहार स्थित शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल के संचालन के लिए 10 साल का समझौता किया था, जिसे अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक भारत की रणनीतिक पहुंच के लिए अहम माना जाता है। हालांकि, कुल मिलाकर भारत ने अपने कुछ मित्र देशों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता को बढ़ाकर 5,686 करोड़ रुपये कर दिया है, जो पिछले बजट अनुमान से लगभग 4 प्रतिशत अधिक है, हालांकि यह 2025-26 के संशोधित अनुमान से कम है।

 

बजट में भूटान को दी जाने वाली सहायता करीब 6 प्रतिशत बढ़ाकर 2,289 करोड़ रुपये कर दी गई है, जबकि नेपाल के लिए सहायता में लगभग 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर इसे 800 करोड़ रुपये किया गया है। श्रीलंका को 400 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पहले की तुलना में लगभग एक-तिहाई अधिक है। मालदीव के लिए आर्थिक सहायता में 8 प्रतिशत की कटौती कर इसे 550 करोड़ रुपये किया गया है, जबकि मॉरीशस को 10 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 550 करोड़ रुपये मिलेंगे। अफगानिस्तान के लिए सहायता 150 करोड़ रुपये पर स्थिर रखी गई है, जो मुख्य रूप से मानवीय जरूरतों के लिए है। वहीं, म्यांमार के लिए आवंटन में लगभग 14 प्रतिशत की कटौती कर इसे 300 करोड़ रुपये किया गया है।


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Content Writer

Tanuja

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