'मैं बेगुनाह हूं, मेरा अपहरण किया गया', न्यूयॉर्क कोर्ट में निकोलस मादुरो ने ड्रग तस्करी के आरोपों से किया इनकार

punjabkesari.in Tuesday, Jan 06, 2026 - 06:24 AM (IST)

इंटरनेशनल डेस्कः अपदस्थ वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिका की एक अदालत में खुद को निर्दोष बताया और ड्रग तस्करी से जुड़े सभी आरोपों को खारिज कर दिया। सोमवार को न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत में पेश होते हुए मादुरो ने जज से कहा, “मैं निर्दोष हूं। मैं दोषी नहीं हूं। मैं एक शरीफ इंसान हूं और अपने देश का राष्ट्रपति हूं।”

यह मादुरो की अमेरिकी अदालत में पहली पेशी थी। इन्हीं नार्को-टेररिज्म (ड्रग आतंकवाद) के आरोपों के आधार पर ट्रंप प्रशासन ने उन्हें पकड़कर अमेरिका लाने को सही ठहराया है।

जेल की वर्दी में अदालत पहुंचे मादुरो और उनकी पत्नी

सोमवार को मादुरो नीले रंग की जेल यूनिफॉर्म पहने हुए अदालत में पेश हुए। उनके साथ उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस भी मौजूद थीं। दोनों को दोपहर करीब 12 बजे अदालत में लाया गया। यह सुनवाई छोटी थी, लेकिन कानूनी रूप से जरूरी थी और इससे एक लंबी कानूनी लड़ाई की शुरुआत मानी जा रही है। चूंकि अदालत की कार्यवाही अंग्रेज़ी में हो रही थी, इसलिए मादुरो और उनकी पत्नी ने हेडफोन पहनकर स्पेनिश अनुवाद सुना।

कड़ी सुरक्षा में जेल से अदालत तक का सफर

सोमवार सुबह मादुरो और उनकी पत्नी को ब्रुकलिन की जेल से कड़ी सुरक्षा में मैनहैटन की अदालत ले जाया गया। सुबह करीब 7:15 बजे जेल से एक मोटरकेड रवाना हुआ। उन्हें पास के एक खेल मैदान तक ले जाया गया। वहां से मादुरो हेलिकॉप्टर में धीरे-धीरे चलते हुए चढ़े, वह थोड़े लंगड़ाते नजर आए। हेलिकॉप्टर न्यूयॉर्क हार्बर पार कर मैनहैटन के हेलीपोर्ट पर उतरा और वहां से उन्हें बख्तरबंद वाहन में अदालत परिसर ले जाया गया।

कुछ ही मिनटों में यह काफिला अदालत के गैरेज में पहुंच गया। यह वही इलाका है जहां पास की एक अदालत में डोनाल्ड ट्रंप को 2024 में बिजनेस रिकॉर्ड से जुड़ी धोखाधड़ी के मामले में दोषी ठहराया गया था।

अदालत के बाहर प्रदर्शन, पुलिस तैनात

अदालत के बाहर अमेरिकी कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों की एक छोटी लेकिन बढ़ती भीड़ थी। वहीं करीब एक दर्जन लोग अमेरिकी हस्तक्षेप के समर्थन में भी खड़े थे। एक मौके पर समर्थक और विरोधी आमने-सामने आ गए, यहां तक कि एक व्यक्ति ने विरोध कर रहे लोगों से वेनेजुएला का झंडा छीन लिया। पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग रखा।

अमेरिकी कानून के तहत मादुरो को मिलेंगे समान अधिकार

अमेरिकी कानूनी व्यवस्था के तहत, एक आरोपी के रूप में मादुरो को वही अधिकार मिलेंगे जो किसी आम नागरिक को मिलते हैं। इसमें शामिल हैं- न्यूयॉर्क के आम नागरिकों की जूरी द्वारा मुकदमा और निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार। हालांकि, मादुरो का मामला इसलिए अलग है क्योंकि वह किसी देश के पूर्व राष्ट्रपति हैं, जो अमेरिकी अदालतों में बेहद दुर्लभ स्थिति है।

गिरफ्तारी को अवैध बताने की तैयारी में मादुरो के वकील

मादुरो के वकील जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की वैधता को चुनौती देने वाले हैं। उनका तर्क होगा कि मादुरो एक संप्रभु देश के राष्ट्राध्यक्ष हैं इसलिए उन्हें अमेरिकी अदालत में पेश नहीं किया जा सकता। हालांकि ऐसा ही तर्क पनामा के तानाशाह मैनुएल नोरिएगा ने 1990 में दिया था, जब अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई में उन्हें पकड़ा था। लेकिन अमेरिकी अदालत ने तब उस दलील को खारिज कर दिया था। अमेरिका यह भी कहता है कि वह मादुरो को वेनेजुएला का वैध राष्ट्रपति नहीं मानता, खासकर 2024 के विवादित चुनाव के बाद।

अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज का रुख

वेनेजुएला की नई अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने अमेरिका से मादुरो को वापस भेजने की मांग की है। मादुरो लंबे समय से ड्रग तस्करी में किसी भी भूमिका से इनकार करते रहे हैं। हालांकि रविवार देर रात रोड्रिगेज ने सोशल मीडिया पर थोड़ा नरम रुख अपनाते हुए कहा कि वह राष्ट्रपति ट्रंप के साथ सहयोग और अमेरिका के साथ “सम्मानजनक संबंध” चाहती हैं।

तेल और खनिज संसाधनों को लेकर आरोप

मादुरो और उनके समर्थकों का कहना रहा है कि अमेरिका की दुश्मनी की असली वजह वेनेजुएला का विशाल तेल और खनिज भंडार है। शनिवार को अमेरिकी सेना ने एक विशेष सैन्य अभियान में मादुरो और उनकी पत्नी को एक सैन्य अड्डे में स्थित उनके घर से पकड़ लिया।ट्रंप ने कहा कि अमेरिका फिलहाल वेनेजुएला को “अस्थायी रूप से चलाएगा”, लेकिन विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया कि अमेरिका रोजमर्रा का शासन नहीं करेगा, सिर्फ पहले से लागू “तेल क्वारंटीन” को लागू करेगा।

ट्रंप के और सख्त बयान

रविवार को एयर फोर्स वन में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि वह पश्चिमी गोलार्ध में अमेरिकी प्रभाव और बढ़ाना चाहते हैं। उन्होंने कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो को “बीमार आदमी” कहा। उन पर अमेरिका में कोकीन भेजने का आरोप लगाया और कहा कि यह ज्यादा दिन नहीं चलेगा। ट्रंप ने डेल्सी रोड्रिगेज से “पूरी पहुंच” देने को कहा, वरना परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।

तेल को लेकर अनिश्चितता बनी हुई

ट्रंप का मानना है कि मादुरो को हटाने से वेनेजुएला से ज्यादा तेल बाजार में आएगा। हालांकि इसके बावजूद सोमवार सुबह तेल की कीमतें 1% से ज्यादा बढ़कर करीब 58 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गईं। विशेषज्ञों का कहना है कि वर्षों की उपेक्षा के बाद तेल उत्पादन तुरंत बढ़ाना मुश्किल है। निवेश, प्रशासन और निगरानी को लेकर कई सवाल हैं।

गंभीर आरोप, उम्रकैद तक की सजा संभव

शनिवार को सार्वजनिक हुई 25 पन्नों की चार्जशीट में आरोप है कि मादुरो और उनके सहयोगियों ने ड्रग कार्टेल्स के साथ मिलकर हजारों टन कोकीन अमेरिका भेजने में मदद की। अगर दोषी साबित हुए तो उन्हें उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। रविवार तक यह साफ नहीं था कि मादुरो ने कोई अमेरिकी वकील नियुक्त किया है या नहीं।

पहले से अमेरिकी प्रतिबंधों में घिरे

मादुरो और उनकी पत्नी सालों से अमेरिकी प्रतिबंधों के तहत हैं। इसके चलते कोई भी अमेरिकी नागरिक उनसे पैसे नहीं ले सकता जब तक अमेरिकी ट्रेजरी विभाग से अनुमति न मिले।

Tren de Aragua गैंग पर भी विवाद

चार्जशीट में कहा गया है कि वेनेजुएला के अधिकारी Tren de Aragua गैंग के साथ सीधे जुड़े थे। लेकिन अप्रैल में जारी एक अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट (18 एजेंसियों के इनपुट पर आधारित) में कहा गया कि वेनेजुएला सरकार और इस गैंग के बीच कोई सीधा तालमेल साबित नहीं हुआ।

किन-किन पर आरोप?

इस केस में आरोपित हैं: निकोलस मादुरो, उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस, उनका बेटा (जो फिलहाल आज़ाद है), वेनेजुएला के गृह और न्याय मंत्री, एक पूर्व गृह और न्याय मंत्री और हेक्टर रस्टेनफोर्ड गुरेरो फ्लोरेस, जो Tren de Aragua का कथित नेता है और फरार है। आरोप है कि मादुरो और उनकी पत्नी ने अपहरण, मारपीट और हत्या तक के आदेश दिए, खासकर उन लोगों के खिलाफ जो ड्रग कारोबार में पैसे बकाया रखते थे या उनके नेटवर्क को नुकसान पहुंचाते थे।

मादुरो की पत्नी पर भी गंभीर आरोप

चार्जशीट के मुताबिक 2007 में मादुरो की पत्नी ने सैकड़ों हजार डॉलर की रिश्वत ली ताकि एक बड़े ड्रग तस्कर की वेनेजुएला के राष्ट्रीय एंटी-ड्रग ऑफिस के प्रमुख से मुलाकात करवाई जा सके। इसके बाद हर महीने रिश्वत मिलने लगी, जिसमें से कुछ पैसा सीधे मादुरो की पत्नी तक पहुंचता था।

यह मामला सिर्फ एक कानूनी लड़ाई नहीं, बल्कि अमेरिका–वेनेजुएला रिश्तों, तेल राजनीति और अंतरराष्ट्रीय शक्ति संतुलन से जुड़ा एक बड़ा वैश्विक घटनाक्रम बन चुका है।


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Content Writer

Pardeep

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