मादुरो की गिरफ्तारी पर भड़का चीन, बोला- अमेरिका ने राष्ट्रपति को गैरकानूनी अगवा किया, तुरंत रिहा करो
punjabkesari.in Sunday, Jan 04, 2026 - 02:27 PM (IST)
International Desk: वेनेजुएला के तानाशाह राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की अमेरिकी हिरासत पर चीन ने कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिका से दोनों को तुरंत रिहा करने की मांग की है। चीन ने इस कार्रवाई को राष्ट्रपति का “अपहरण” करार देते हुए कहा कि किसी संप्रभु देश के नेता को जबरन अपने देश ले जाना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। चीनी विदेश मंत्रालय ने रविवार को जारी बयान में कहा कि वेनेजुएला संकट का समाधान सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि संवाद और कूटनीतिक बातचीत से होना चाहिए। चीन ने स्पष्ट किया कि वह अमेरिका की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करता है और इसे खतरनाक मिसाल मानता है।
इस बीच, अमेरिका के भीतर भी विरोध तेज हो गया है। न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने मादुरो की गिरफ्तारी को “एक्ट ऑफ वॉर” बताते हुए कहा कि यह कदम न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय कानून, बल्कि अमेरिकी कानून का भी उल्लंघन है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की कार्रवाई दुनिया को और अस्थिर बना सकती है।गौरतलब है कि 2 जनवरी की रात अमेरिकी विशेष बलों ने वेनेजुएला की राजधानी काराकस में सैन्य हमला कर राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया और बाद में उन्हें न्यूयॉर्क लाया गया।
फिलहाल दोनों को डिटेंशन सेंटर में रखा गया है, जहां उन पर हथियारों और ड्रग्स से जुड़े मामलों में मुकदमा चलाने की तैयारी है।मादुरो की हिरासत के बाद सामने आई तस्वीरों ने भी विवाद को और गहरा कर दिया है। कुछ तस्वीरों में वे न्यूयॉर्क के स्टुअर्ट एयर नेशनल गार्ड बेस पर नजर आए, जबकि एक तस्वीर में आंखों पर काली पट्टी, हथकड़ी और हेडफोन लगाए हुए दिखे, जिसे खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर साझा किया।अमेरिका की इस कार्रवाई के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
लॉस एंजेलिस, न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर, व्हाइट हाउस और लास वेगास समेत कई शहरों में लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने “बमबारी बंद करो”, “तेल के लिए खून नहीं” और “युद्ध नहीं” जैसे नारे लगाए और मादुरो को वापस वेनेजुएला भेजने की मांग की। उधर, भारत ने भी 24 घंटे बाद प्रतिक्रिया देते हुए वेनेजुएला की स्थिति पर “गहरी चिंता” जताई है और सभी पक्षों से संवाद व शांतिपूर्ण समाधान की अपील की है। वैश्विक स्तर पर यह मुद्दा तेजी से अंतरराष्ट्रीय संकट का रूप लेता जा रहा है।
