इमरान का पलटवार-जिया उल हक के जूते पॉलिश कर राजनीति में आए थे नवाज शरीफ

2020-10-18T17:04:43.187

इस्लामाबादः पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के पाकिस्तानी सेना प्रमुख बाजवा पर चुनाव में धांधली करने और इस्लामाबाद में कठपुतली सरकार स्थापित करने के बयान पर प्रधानमंत्री इमरान खान ने पलटवार किया है। नवाज शरीफ पर निशाना साधते हुए इमरान ने कहा कि पीएमएल-एन सुप्रीमो 1980 में मॉर्शल लॉ के दौरान जनरल जिया उल हक के जूते पॉलिश करके राजनीति में आए थे। इसके अलावा उन्होंने नवाज पर और भी कई आपत्तिजनक टिप्पणियां की।

 

उन्होंने कहा कि शरीफ उस सेना के खिलाफ बोल रहे है, जो सेना राष्ट्र के लिए अपना बलिदान दे रही है। तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे 70 वर्षीय नवाज शरीफ को 2017 में अदालत ने सत्ता से बेदखल कर दिया था। इसके बाद उन्होंने पहली बार सीधे तोर पर सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा और आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल फ़ैज़ हमीद के साथ प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ बयान दिया है। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने देश की सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई पर उन्हें अपदस्थ करने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इन दोनों ने इमरान खान को सत्ता में लाकर अपनी 'कठपुतली' सरकार बनवाई है।

 

शरीफ लाहौर से लगभग 80 किमी दूर गुजरांवाला में 11 विपक्षी दलों के गठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (PDM) को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने शुक्रवार देर रात लंदन से वीडियो लिंक के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित किया। सैन्य नेतृत्व पर निशाना साधते हुए शरीफ ने कहा कि सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने मेरी सरकार को खत्म कर दिया। उन्होंने 2018 के चुनावों में धांधली की और नाकाबिल इमरान खान को देश पर थोप दिया। जनरल बाजवा प्रत्यक्ष अपराधी हैं और उन्हें इसके लिए जवाब देना होगा।

 

उन्होंने उनकी सरकार गिराने के पीछे ISI का हाथ होने का भी आरोप लगाया। शरीफ के अनुसार पूरा प्रकरण ISI प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद की मदद से हुआ। विपक्षी दलों ने 20 सितंबर को पीडीएम के गठन और तीन चरण में सरकार विरोधी अभियान चलाने की घोषणा की थी। इसके तहत इमरान खान सरकार को सत्ता से हटाने के लिए देशभर में जन सभाएं, प्रदर्शन और रैलियां शुरू हो चुकी हैं। जनवरी 2021 में इस्लामाबाद के लिए लंबा मार्च निकाला जाएगा।


Tanuja

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