आखिर AI का तिलिस्म टूटाः Ford कंपनी ने निकाले 300 से अधिक इंजीनियर दोबारा नौकरी पर बुलाए, कहा- AI नहीं कर सकता इंसानों की बराबरी
punjabkesari.in Tuesday, Jun 30, 2026 - 03:33 PM (IST)
Washington: अमेरिका की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी Ford Motor Company ने स्वीकार किया है कि कृत्रिम मेधा (AI) गुणवत्ता जांच (Quality Check) में अनुभवी इंजीनियरों की जगह नहीं ले सकी। इसी कारण कंपनी ने हाल के वर्षों में 300 से अधिक अनुभवी गुणवत्ता निरीक्षकों और इंजीनियरों को दोबारा नियुक्त किया है। Ford ने उत्पादन प्रक्रिया को तेज करने, लागत कम करने और गुणवत्ता जांच बेहतर बनाने के लिए अपने कई संयंत्रों में AI तकनीक लागू की थी। कंपनी ने लगभग 900 AI कैमरे लगाए थे, जिनका उद्देश्य उत्पादन के दौरान खामियों की पहचान करना और सप्लाई चेन में आने वाली समस्याओं को कम करना था। Ford के वाहन हार्डवेयर इंजीनियरिंग के उपाध्यक्ष चार्ल्स पून ने कहा कि AI एक बेहतरीन तकनीक है, लेकिन उसकी क्षमता इस बात पर निर्भर करती है कि उसे किस गुणवत्ता के डेटा और अनुभव से प्रशिक्षित किया गया है।
उन्होंने स्वीकार किया कि कंपनी ने पहले अपने सबसे अनुभवी इंजीनियरों के दशकों के अनुभव का पर्याप्त उपयोग नहीं किया। इसका असर AI सिस्टम की गुणवत्ता पर पड़ा। उनके अनुसार, केवल डिज़ाइन डेटा AI में डाल देने से उच्च गुणवत्ता वाला उत्पाद तैयार नहीं हो जाता। कंपनी ने अब 300 से अधिक अनुभवी इंजीनियरों और गुणवत्ता निरीक्षकों को वापस नियुक्त किया है जिनका काम AI और मशीन लर्निंग सिस्टम को बेहतर प्रशिक्षण देना, वर्षों के व्यावहारिक अनुभव को नई तकनीक में शामिल करना और युवा इंजीनियरों का मार्गदर्शन करना होगा। चार्ल्स पून ने कहा कि कंपनी ने महसूस किया कि ऑटोमेशन और AI को बेहतर बनाने के लिए सबसे अनुभवी लोगों के ज्ञान की जरूरत है।
यही कारण है कि अनुभवी इंजीनियरों को वापस लाकर AI सिस्टम को वास्तविक उत्पादन अनुभव से प्रशिक्षित किया जा रहा है। Ford ने बताया कि इन बदलावों के बाद वह अमेरिका की JD Power Initial Quality Study में मुख्यधारा (Mainstream) वाहन निर्माताओं की श्रेणी में पहले स्थान पर पहुंच गई है। कंपनी का कहना है कि गुणवत्ता सुधार के लिए नेतृत्व में बदलाव और अनुभवी इंजीनियरों की वापसी महत्वपूर्ण रही। Ford का अनुभव बताता है कि AI कई काम आसान बना सकता है, लेकिन अभी भी वह दशकों के व्यावहारिक अनुभव, निर्णय क्षमता और मानवीय समझ का पूरी तरह विकल्प नहीं बन पाया है। भविष्य में AI और अनुभवी विशेषज्ञों का संयोजन ही सबसे प्रभावी मॉडल माना जा रहा है।
