ईरान ने विचौलिया बने पाक आर्मी चीफ को किया बेइज्जत, दौरा बीच में रद्द कर वापस भागे असीम मुनीर

punjabkesari.in Wednesday, Aug 26, 2026 - 01:57 PM (IST)

Islamabad: पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर की ईरान यात्रा को लेकर इस्लामाबाद और तेहरान से बिल्कुल अलग-अलग तस्वीर सामने आ रही है। पाकिस्तानी पक्ष इसे रचनात्मक बातचीत और ‘महत्वपूर्ण प्रगति’ बता रहा है, जबकि ईरानी मीडिया के कुछ हिस्सों में इस यात्रा को अमेरिका के दबाव और मध्यस्थता की कोशिश के तौर पर पेश किया गया है। मुनीर का दौरा एक दिन में खत्म होने की वजह से भी कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, अभी यह पुष्ट नहीं है कि ईरान ने उन्हें अपमानित करके या प्रस्ताव ठुकराकर वापस भेजा। उपलब्ध आधिकारिक बयानों में ऐसी कोई बात नहीं कही गई है।

 

असीम मुनीर 24 अगस्त को पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी के साथ तेहरान पहुंचे थे। उनकी यात्रा का मकसद अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से अटकी बातचीत को फिर से शुरू कराने और पश्चिम एशिया में तनाव कम करने की कोशिश बताया गया था। पाकिस्तान के सैन्य मीडिया विंग ISPR के मुताबिक, मुनीर ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ, सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि मोहन रेजाई, विदेश मंत्री अब्बास अराघची और गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी से मुलाकात की।

 

 कुछ पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि मुनीर का कार्यक्रम दो दिनों का था, लेकिन वह केवल एक दिन ईरान में रुककर वापस लौट आए। इसी आधार पर यह अटकल लगाई जा रही है कि उनकी बातचीत उम्मीद के मुताबिक आगे नहीं बढ़ सकी। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि मुनीर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई से मिलना चाहते थे, लेकिन ऐसी मुलाकात नहीं हो सकी। मुनीर की यात्रा से ठीक पहले उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत हुई थी। रॉयटर्स के मुताबिक, ट्रंप ने मुनीर से ईरान पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए तेहरान को बातचीत की मेज पर वापस लाने की कोशिश करने को कहा था।

 

कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि मुनीर के जरिए ईरान को अमेरिकी प्रस्ताव भी पहुंचाया गया। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के बदले प्रतिबंधों और समुद्री नाकाबंदी में राहत जैसी संभावनाएं शामिल थीं।  ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम ने बातचीत से जुड़े एक सूत्र के हवाले से कहा कि तेहरान चाहता है कि अमेरिका पहले इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (MoU) पर वापस आए और उसके प्रावधानों को लागू करे। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य से संबंधित प्रावधान भी शामिल हैं। ईरानी मीडिया में मुनीर की यात्रा को लेकर तीखे शब्द भी देखने को मिले हैं। ईरान के कट्टरपंथी अखबार कायहान ने 26 अगस्त की रिपोर्ट में मुनीर को अमेरिका के कथित दबाव का माध्यम बताया और उनकी यात्रा को व्हाइट हाउस की रणनीति से जोड़कर पेश किया। अखबार ने ट्रंप को ‘गैंबलर’ बताते हुए मुनीर की यात्रा को अमेरिकी संदेश पहुंचाने की कोशिश बताया। 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Tanuja

Related News