ईरान युद्ध पर नेतन्याहू का खतरनाक संदेश- “हां माइक मैं जिंदा हूं...! “पंच कार्ड से दो नाम मिटाए, लिस्ट अभी बाकी है”(Video)
punjabkesari.in Wednesday, Mar 18, 2026 - 11:59 AM (IST)
International Desk: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच इजराइल ने अपनी रणनीति और आक्रामक रुख को और साफ कर दिया है। ऐसे समय में जब ईरान-इजराइल तनाव चरम पर है, इजराइली प्रधानमंत्री का एक वीडियो सामने आया है जिसने पूरे क्षेत्र में नई हलचल मचा दी है। इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपनी मौत की अफवाहों को खारिज करते हुए कहते हैं-“मैं जिंदा हूं।” वीडियो में नेतन्याहू ने अपनी जेब से एक कार्ड निकालकर कहा- “आज मैंने इस पंच कार्ड से दो नाम मिटा दिए हैं… और अभी इसमें कई नाम बाकी हैं।”
This is soooo weird…
— Patriot4Life (@Patriot4Life72) March 17, 2026
Netanyahu posted this video of him with Mike Huckabee, joking that he only has 5 fingers, and saying he has a Punch Card of people he’s wiping out in Iran
Something very strange is going on. They are fooking with us.
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Again…. Soooooo weird.… pic.twitter.com/EJj6SG7RV9
माना जा रहा है कि ये नाम ईरान के वरिष्ठ नेता Ali Larijani और बासिज कमांडर Gholam Reza Soleimani के थे। नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल उन सभी लोगों को निशाना बना रहा है जो परमाणु हथियार विकसित कर रहे हैं और इजराइल के लिए खतरा हैं। उनका कहना था “हम उन उन्मादियों को खत्म कर रहे हैं जो दुनिया के लिए खतरा हैं… वे सफल नहीं होंगे।” इस वीडियो में नेतन्याहू अमेरिकी राजदूत Mike Huckabee के साथ नजर आए। हकाबी ने बताया कि Donald Trump ने उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए भेजा है कि नेतन्याहू सुरक्षित हैं। इस पर नेतन्याहू ने जवाब दिया- “हाँ माइक, मैं जिंदा हूं।”
ईरान में सत्ता और तनाव
रिपोर्ट्स के अनुसार, Ali Khamenei की मौत के बादअली लारीजानी ईरान के युद्ध प्रबंधन में अहम भूमिका निभा रहे थे। नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल का लक्ष्य ईरानी शासन को कमजोर करना है ताकि वहां की जनता को बदलाव का मौका मिल सके।नेतन्याहू के इस बयान ने मिडिल ईस्ट में तनाव को और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह बयान खुली टारगेटेड किलिंग की नीति का संकेत है। ईरान की प्रतिक्रिया और तेज हो सकती है क्योंकि “पंच कार्ड” वाली भाषा केवल एक बयान नहीं, बल्कि इजराइल की रणनीति का संकेत मानी जा रही है जहां टारगेटेड हमलों के जरिए ईरान की नेतृत्व संरचना को कमजोर किया जा रहा है।
