प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी के 7 छात्रों की करतूतः पार्टी के बाद नशीला पदार्थ देकर छात्रा से गैंगरेप, विविश्वद्यालय की कार्रवाई पर उठे सवाल
punjabkesari.in Sunday, Sep 27, 2026 - 03:10 PM (IST)
New York: अमेरिका की प्रतिष्ठित कॉर्नेल यूनिवर्सिटी की एक पूर्व छात्रा ने विश्वविद्यालय और ची फी बिरादरी से जुड़े सात पुरुषों के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। महिला ने आरोप लगाया है कि अक्टूबर 2024 में उसे नशीला पदार्थ देने के बाद बिरादरी के घर में उसके साथ कई लोगों ने यौन हिंसा की। मुकदमे में महिला को ‘जेन डो’ नाम से पेश किया गया है। घटना के समय उसकी उम्र 20 वर्ष थी। मामला 19 अक्टूबर 2024 की रात का है। शिकायत के अनुसार, महिला ने पहले अपनी छात्र बिरादरी के कार्यक्रम में शराब पी और बाद में इथाका के एक बार व नाइट क्लब में गई। रात करीब 11 बजे वह अकेले कॉर्नेल परिसर स्थित ची फी के घर पहुंची, जहां वह एक परिचित से मिलने गई थी।
मुकदमे के अनुसार, वहां मौजूद दो लोगों ने उसे ऐसा पदार्थ लेने के लिए मजबूर किया, जिसके बारे में उसे बताया गया था कि वह केटामाइन है। शिकायत में आरोप है कि इसके बाद उसके साथ यौन हिंसा की गई। मुकदमे के मुताबिक, इसके बाद ची फी के अन्य सदस्य भी कमरे में पहुंचे और महिला की कमजोर स्थिति का फायदा उठाते हुए उसके साथ यौन हिंसा में शामिल हुए। शिकायत में कहा गया है कि यह घटनाक्रम सुबह करीब 5:45 बजे तक चला। मुकदमे में सात लोगों को प्रतिवादी बनाया गया है मैथ्यू इंगॉल्स, जोनाथन न्यूवेल, विंस्टन ली, गिलियो लोपेज, डिएगो सराबिया, स्कॉट नॉरिस और स्कॉट क्रेट्शमर। करीब तीन सप्ताह बाद पुलिस में शिकायत के अनुसार, महिला ने घटना के करीब तीन सप्ताह बाद 8 नवंबर 2024 को कॉर्नेल विश्वविद्यालय पुलिस विभाग को इसकी जानकारी दी। उसी दिन ची फी की संबंधित शाखा को अस्थायी रूप से निलंबित किया गया था और मुकदमे के अनुसार सातों छात्रों के खिलाफ भी अस्थायी कार्रवाई की गई थी।
कॉर्नेल ने मामले की आंतरिक जांच की, जिसमें कम से कम 12 सुनवाई हुईं। महिला के वकील थॉमस जिफ्रा का कहना है कि सात आरोपितों में से केवल दो को विश्वविद्यालय से निष्कासित किया गया, जबकि अन्य के खिलाफ निलंबन, कार्यशालाओं में भाग लेने या निबंध लिखने जैसी कार्रवाई की गई। उनके अनुसार, इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। टॉम्पकिंस काउंटी के जिला अटॉर्नी कार्यालय ने बताया कि उसने पुलिस की जांच की समीक्षा की थी, लेकिन आपराधिक आरोप लगाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले। महिला के वकील के मुताबिक, घटना के बाद उसने कॉर्नेल छोड़ दिया। मुकदमे में विश्वविद्यालय पर लापरवाही, अनुबंध के उल्लंघन और राज्य के कानूनों के उल्लंघन समेत कई आरोप लगाए गए हैं।
मुकदमे में ची फी से जुड़े संगठनों और सात छात्रों के खिलाफ भी अलग-अलग कानूनी दावे किए गए हैं। महिला ने आर्थिक क्षतिपूर्ति और दंडात्मक हर्जाने की मांग की है, हालांकि मुकदमे में मांगी गई रकम का कोई निश्चित आंकड़ा नहीं बताया गया है। कॉर्नेल विश्वविद्यालय ने कहा कि उसके नागरिक अधिकार कार्यालय और छात्र आचरण एवं सामुदायिक मानक कार्यालय ने विश्वविद्यालय की नीतियों के तहत आरोपों की जांच और कार्रवाई की।विश्वविद्यालय ने यह भी कहा कि ची फी की संबंधित शाखा अभी भी परिसर से प्रतिबंधित है। व्यक्तिगत छात्रों के खिलाफ की गई विशिष्ट अनुशासनात्मक कार्रवाई का विवरण संघीय गोपनीयता कानूनों के कारण सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।
