अमेरिका में शी जिनपिंग के दौरे का विरोध, तिब्बती प्रदर्शनकारियों ने उठाई ‘फ्री तिब्बत’ की आवाज
punjabkesari.in Saturday, Sep 26, 2026 - 01:47 PM (IST)
नई दिल्ली : चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अमेरिका दौरे के विरोध में बुधवार को वॉशिंगटन डीसी में तिब्बती कार्यकर्ताओं ने कई जगह प्रदर्शन किया। इस दौरान चीन समर्थक प्रदर्शनकारियों ने तिब्बती बैनर और झंडों को ढकने की कोशिश की। अमेरिकी कैपिटल के बाहर भी दोनों पक्षों के बीच टकराव की स्थिति बनी। शी जिनपिंग के होटल जाने वाले रास्ते पर तिब्बती प्रदर्शनकारियों ने “No Welcome for Xi, Free Tibet, China Out of Tibet” लिखा बैनर लगाया। इसके जवाब में चीन समर्थक प्रदर्शनकारियों ने चीनी झंडे लहराकर बैनर और तिब्बती राष्ट्रीय झंडों को ढकने की कोशिश की।
अमेरिकी कैपिटल के बाहर हुए एक अन्य प्रदर्शन में भी तिब्बती कार्यकर्ताओं को चीनी झंडे लेकर पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया। सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में इंटरनेशनल तिब्बत नेटवर्क (ITN) की तेनजिन यांगजॉम ने कहा कि प्रदर्शनकारी उन्हें डराकर चुप नहीं करा सकते। उन्होंने कहा कि तिब्बती लोग मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद अपनी आवाज उठाते रहेंगे और दुनिया को अपनी बात बताते रहेंगे।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे टकराव
चीन के नेताओं के खिलाफ होने वाले प्रदर्शनों के दौरान चीन समर्थक प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी कोई नई बात नहीं है। 2023 में शी जिनपिंग के सैन फ्रांसिस्को दौरे के दौरान भी इसी तरह के टकराव की खबरें सामने आई थीं। तिब्बती संगठनों ने गुरुवार, 24 सितंबर को भी बड़े प्रदर्शन की योजना बनाई है। इसमें 12 तिब्बती संगठन शामिल होंगे। आयोजकों का अनुमान है कि अमेरिका और कनाडा से करीब 1,200 तिब्बती प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं। इनके अलावा उइगर, हांगकांग, दक्षिणी मंगोलिया और अन्य समुदायों के लोग भी इसमें हिस्सा लेंगे।
उइगर और अन्य समुदाय भी प्रदर्शन में शामिल
प्रदर्शन में शामिल अन्य समुदायों ने भी चीन की नीतियों को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कीं। उइगर कार्यकर्ता सुबीही ने दावा किया कि 10 लाख से अधिक उइगरों को ऐसे शिविरों में रखा गया है, जिन्हें उन्होंने नजरबंदी शिविर बताया। उन्होंने परिवारों के अलग होने और उइगर भाषा, धर्म और संस्कृति के कमजोर होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तिब्बती, उइगर, हांगकांग और दक्षिणी मंगोलिया के लोग अकेले नहीं हैं। उनके अनुसार, चीन की नीतियों से तिब्बत की पहचान, हांगकांग की लोकतांत्रिक व्यवस्था और दक्षिणी मंगोलिया के स्थानीय जीवन पर असर पड़ रहा है। 24 सितंबर का मुख्य प्रदर्शन वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास के बाहर होना है। इसके अलावा शहर के अलग-अलग हिस्सों में भी कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
तिब्बती कार्यकर्ता की गिरफ्तारी के बाद बढ़ा प्रदर्शन
इन प्रदर्शनों से पहले 22 सितंबर को Students for a Free Tibet (SFT) के कार्यकर्ता तेनजिन नामग्याल को गिरफ्तार किया गया था। वह 30 फीट से अधिक ऊंचे लैम्पपोस्ट पर चढ़ गए थे और वहां “Dictator Xi, Your Empire Will Fall. Free Tibet” लिखा बैनर लगाया था। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद उन्होंने कहा कि वह चीनी दूतावास के बाहर होने वाले प्रदर्शन में शामिल होंगे।
अमेरिकी सीनेटर ने भी शी के दौरे पर उठाए सवाल
इसी बीच अमेरिकी सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति के अध्यक्ष सीनेटर रोजर विकर ने सीनेट में शी जिनपिंग के अमेरिका दौरे की आलोचना की। उन्होंने कहा कि वह व्हाइट हाउस को चीनी राष्ट्रपति को वॉशिंगटन बुलाने और उनका भव्य स्वागत करने की सलाह नहीं देते। विकर ने चीन पर अपने पड़ोसी देशों पर दबाव बनाने और अमेरिका के लिए सैन्य खतरा पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से यह भी कहा कि शी जिनपिंग के साथ बातचीत के दौरान तिब्बती बौद्धों, उइगरों और अन्य धार्मिक समुदायों के खिलाफ चीन की नीतियों का मुद्दा उठाया जाना चाहिए।
