पाकिस्तान PM शहबाज शरीफ के खिलाफ इस देश ने निकाला अरेस्ट वारंट, यहां कदम रखते ही होगी गिरफ्तारी
punjabkesari.in Friday, Jan 09, 2026 - 04:19 PM (IST)
नेशनल डेस्क : 8 जनवरी 2026 को बलूचिस्तान की निर्वासित सरकार (Republic of Balochistan) ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। यह वारंट किसी पाकिस्तानी अदालत या सरकार की तरफ से नहीं, बल्कि बलूचिस्तान के स्वतंत्रता समर्थक एक्टिविस्ट मीर यार बलूच ने जारी किया है।
शहबाज शरीफ पर लगाए गए मुख्य आरोप
मीर यार बलूच के अनुसार, शहबाज शरीफ पर ये आरोप हैं:
- बलूचिस्तान के वीजा नियमों का उल्लंघन करना।
- कानूनी अनुमति या वैध वीजा के बिना बलूचिस्तान में प्रवेश।
- बलूचिस्तान की संप्रभुता को जानबूझकर नुकसान पहुंचाना।
- बलूचिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता और हवाई क्षेत्र का उल्लंघन।
मीर यार बलूच ने कहा कि बलूचिस्तान एक स्वतंत्र और संप्रभु राज्य है, इसलिए कोई भी व्यक्ति बलूचिस्तान के आव्रजन कानूनों से ऊपर नहीं है, चाहे वह पाकिस्तान का प्रधानमंत्री ही क्यों न हो।
गिरफ्तारी की प्रक्रिया
वारंट में कहा गया है कि शहबाज शरीफ को बलूचिस्तान के किसी भी हवाई अड्डे या एंट्री/एग्जिट पॉइंट पर पहुंचते ही गिरफ्तार किया जा सकता है। यह कार्रवाई बलूचिस्तान गणराज्य के कानून और संप्रभु अधिकारों के तहत होगी।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
अभी तक पाकिस्तान सरकार या शहबाज शरीफ की तरफ से इस वारंट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विशेषज्ञ इसे प्रतीकात्मक माना जा रहे हैं, क्योंकि बलूचिस्तान पाकिस्तान का हिस्सा है और निर्वासित सरकार का वहां वास्तविक नियंत्रण नहीं है।
बलूचिस्तान का अलगाववादी आंदोलन
यह वारंट बलूचिस्तान में चल रहे अलगाववादी आंदोलन को दर्शाता है, जहां लोग पाकिस्तान से अलग होने की मांग कर रहे हैं। इसे पाकिस्तान के अधिकारियों, सेना प्रमुख और सभी नागरिकों के लिए चेतावनी के रूप में जारी किया गया है कि बिना अनुमति के बलूचिस्तान में प्रवेश नहीं किया जा सकता।
अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण
यह मामला अंतरराष्ट्रीय कानून, संप्रभुता और आव्रजन नियमों से जुड़ा हुआ माना जा रहा है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले में क्या कार्रवाई होती है।
