दो मुस्लिम देशों ने ईरान के खिलाफ खोला मोर्चा; कई सैन्य ठिकानों पर की एयर स्ट्राइक, UAE ने निभाई गुप्त भूमिका
punjabkesari.in Saturday, Jul 25, 2026 - 04:10 PM (IST)
International Desk: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट के अनुसार, बहरीन और कुवैत ने इस महीने गुप्त रूप से ईरान के अंदर स्थित कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। यदि यह दावा सही साबित होता है, तो यह पहली बार होगा जब दोनों खाड़ी देशों ने सीधे ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की है। रिपोर्ट के अनुसार, इन हमलों में ड्रोन और मिसाइल स्टोरेज साइट्स समेत कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। माना जा रहा है कि ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई।
UAE ने निभाई पर्दे के पीछे अहम भूमिका
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने सीधे हमले में हिस्सा नहीं लिया, लेकिन पूरे अभियान में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। UAE ने ईरान के सैन्य ठिकानों की खुफिया जानकारी उपलब्ध कराई और ऑपरेशन के दौरान रक्षात्मक एयर कवर भी मुहैया कराया। इस तरह वह इस अभियान का प्रमुख सहयोगी माना जा रहा है।
छोटी वायुसेना के बावजूद उठाया बड़ा जोखिम
बहरीन और कुवैत की वायुसेनाएं आकार में छोटी हैं और उनके पास अमेरिकी व यूरोपीय लड़ाकू विमान हैं। इसके बावजूद दोनों देशों ने ईरान के अंदर कार्रवाई का जोखिम उठाया। रिपोर्ट के मुताबिक, हाल के दिनों में ईरान की ओर से बढ़ते हमलों और क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं के कारण दोनों देशों ने अपनी रणनीति बदलने का फैसला किया। अब तक बहरीन और कुवैत, ओमान और कतर की तरह ईरान से सीधे टकराव से बचते रहे थे, लेकिन मौजूदा हालात में उनका रुख पहले से कहीं अधिक सख्त दिखाई दे रहा है।
सऊदी अरब की भूमिका
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि संघर्ष के शुरुआती दौर में सऊदी अरब ने UAE के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ कार्रवाई में भाग लिया था। हालांकि फिलहाल सऊदी अरब अपनी आगे की रणनीति पर विचार कर रहा है और उसने इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
ईरान का पलटवार का दावा
इस बीच ईरान ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने कहा कि बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला किया गया। वहीं कुवैत में कैंप उदैरी, कैंप दोहा, कैंप अरिफजान और अली अल सलेम एयर बेस पर ड्रोन हमले किए जाने का भी दावा किया गया है। हालांकि इन सभी दावों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित देशों की ओर से भी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
