क्या खत्म होने वाली अमेरिका-ईरान जंग ? बैकचैनल डिप्लोमेसी शुरू; मोजतबा खामेनेई बातचीत को तैयार, ट्रंप बोले-डील करीब !
punjabkesari.in Tuesday, Mar 24, 2026 - 02:38 PM (IST)
International Desk: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अब हालात में हल्की नरमी के संकेत दिख रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच सीधे नहीं, बल्कि मध्यस्थ देशों के जरिए बातचीत शुरू होने की खबर सामने आई है। ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि उन्हें अमेरिका की तरफ से कुछ प्रस्ताव मिले हैं, जिनकी समीक्षा की जा रही है। इससे यह संकेत मिलता है कि दोनों देशों के बीच बातचीत की जमीन तैयार हो सकती है, हालांकि अभी आधिकारिक तौर पर कोई सीधी वार्ता शुरू नहीं हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब्बास अराघची ने अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ को संदेश दिया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने बातचीत और संभावित समझौते को मंजूरी दे दी है। अगर यह दावा सही साबित होता है, तो यह मिडिल ईस्ट संकट में एक बड़ा मोड़ हो सकता है, क्योंकि अब तक ईरान खुलकर अमेरिका से बातचीत से इनकार करता रहा है।
Iran’s Foreign Minister Abbas Araghchi has told US envoy Steve Witkoff that Supreme Leader Mojtaba Khamenei approved talks and a potential deal, Al Arabiya reports, citing Israeli newspaper Yedioth Ahronoth. pic.twitter.com/UPHQz3BZ8A
— Al Arabiya English (@AlArabiya_Eng) March 24, 2026
हालांकि, यहां सबसे अहम बात यह है कि इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हाल की रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि ईरान के कई वरिष्ठ नेता लगातार कह रहे हैं कि अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है। यानी एक तरफ बैकचैनल (गुप्त) बातचीत के संकेत मिल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सार्वजनिक रूप से इनकार भी किया जा रहा है। दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच सीधे संबंध नहीं हैं, इसलिए ज्यादातर बातचीत मध्यस्थ देशों के जरिए होती है। हाल के दिनों में ऐसे संकेत मिले हैं कि दोनों पक्ष एक-दूसरे को प्रस्ताव भेज रहे हैं और संभावित समझौते के रास्ते तलाशे जा रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम को “डिप्लोमैटिक गेम” भी कहा जा रहा है, जहां सार्वजनिक बयान सख्त होते हैं लेकिन पर्दे के पीछे बातचीत जारी रहती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि हाल के दिनों में बातचीत “अच्छी और सकारात्मक” रही है और समझौते की संभावना बन रही है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ईरान किसी डील के लिए तैयार हो सकता है। तनाव कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम यह भी रहा कि अमेरिका ने ईरान को हॉर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए दिया गया समय 5 दिन और बढ़ा दिया। इससे यह साफ होता है कि अमेरिका फिलहाल सैन्य कार्रवाई से पहले बातचीत को मौका देना चाहता है। हालांकि, ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा है कि अमेरिका के साथ कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई है और ऐसी खबरें गलत हैं।
After President Trump suggested Monday that a deal with Iran could be possible, a senior Iranian Foreign Ministry official revealed it received a message from the U.S. through mediators as a potential precursor to talks between the two warring countries. Pakistan has sought to… pic.twitter.com/7j7T2tciWd
— CBS News (@CBSNews) March 24, 2026
इससे यह स्पष्ट है कि दोनों पक्षों के बयान अलग-अलग हैं, लेकिन पर्दे के पीछे संपर्क जारी है। इस पूरे मामले में ओमान, तुर्की, मिस्र और पाकिस्तान जैसे देश मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। ये देश दोनों पक्षों के बीच संदेश पहुंचाने का काम कर रहे हैं। हालांकि, जमीन पर हालात अभी भी गंभीर हैं। इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच हमले जारी हैं और तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट में एक तरफ जंग जारी है, लेकिन दूसरी तरफ बातचीत की कोशिशें भी तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में यह तय होगा कि हालात शांति की ओर बढ़ते हैं या संघर्ष और बढ़ता है।
