चीन को झटका: ऑस्ट्रेलिया ने किया बीजिंग ओलंपिक का बहिष्कार, कनाडा भी कर रहा विचार

punjabkesari.in Wednesday, Dec 08, 2021 - 11:52 AM (IST)

सिडनीः चीन की राजधानी बीजिंग में होने वाले शीतकालीन ओलंपिक पर संकट के बाद मंडरा रहे हैं। अमेरिका के बाद ऑस्ट्रेलिया ने भी बीजिंग ओलंपिक के कूटनीतिक  बहिष्कार  का  ऐलान कर चीन को बड़ा झटका दिया है। यही नहीं कनाडा भी बीजिंग ओलंपिक के बहिष्कार पर विचार कर रहा है।  ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने बीजिंग ओलंपिक के राजनयिक बहिष्कार की पुष्टि की  है।  इससे पहले अमेरिका ने चीन के कमजोर मानवाधिकार रिकॉर्ड के कारण 2022 के शीतकालीन ओलंपिक खेलों के राजनयिक बहिष्कार की घोषणा की थी।

 

अमेरिका के इस कदम को चीन के लिए कड़े संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, अमेरिका के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा कि खेलों का बहिष्कार करने का अमेरिका का फैसला ओलंपिक भावना का उल्लंघन है। बीजिंग में 2022 के शीतकालीन ओलंपिक खेलों के राजनयिक बहिष्कार के संबंध में कनाडा अमेरिका के फैसले से अवगत है और इस संबंध में अपने सहयोगियों के साथ परामर्श करना जारी रखे हुए है। ग्लोबल अफेयर्स कनाडा की एक प्रवक्ता क्रिस्टल चार्टेंड ने कहा कि चीन में मानवाधिकारों के हनन की परेशान करने वाली खबरों से कनाडा भी परेशान है बहिष्कार में शामिल होने की योजना बना रहा है।

 

अमेरिकी घोषणा ऐसे समय में आई है जब चीन ने ऐसे राजनयिक बहिष्कार के खिलाफ "जवाबी कार्रवाई" करने की कसम खाई है। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जेन सैकी ने कहा कि अमेरिकी एथलीट ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेंगे और एथलीटों को हमारा पूरा समर्थन होगा लेकिन हम खेलों से जुड़े विभिन्न आयोजनों का हिस्सा नहीं होंगे. वाशिंगटन ने यह फैसला महीनों के विचार-विमर्श के बाद किया है। विंटर ओलिंपिक अगले साल फरवरी में होने हैं। साकी ने कहा कि चीन के शिनजियांग में मानवाधिकारों के उल्लंघन और अत्याचारों को देखते हुए अमेरिकी राजनयिक इन खेलों को एक सामान्य घटना के रूप में लेंगे। हम चीन और उसके बाहर मानवाधिकारों को बढ़ावा देने के लिए काम करना जारी रखेंगे। बता दें कि चीन पर शिनजियांग, तिब्बत और हांगकांग में मानवाधिकारों के उल्लंघन के कई आरोप लगते रहे हैं।

 

हालंकि चीन ने अमेरिका के फैसले पर आपत्ति जताते हुए चेतावनी दी है कि अगर वाशिंगटन कूटनीतिक रूप से फरवरी शीतकालीन ओलंपिक का बहिष्कार करता है, तो बीजिंग जवाबी कार्रवाई करेगा। अमेरिका में चीनी दूतावास के प्रवक्ता लियू पेंग्यु ने कहा कि अगर अमेरिका ने ऐसा किया तो यह राजनीति से प्रेरित कृत्य होगा। चीन ने कहा कि यह कदम एक दिखावा है और ओलंपिक चार्टर भावना का गंभीर उल्लंघन है। पेंग्यु ने बाइडेन प्रशासन के फैसले को राजनीतिक हेरफेर बताते हुए कहा कि इससे आयोजन की सफलता प्रभावित नहीं होगी।

 
 


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Content Writer

Tanuja

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