रियाद एयरपोर्ट पर हूती विद्रोहियों के हमले से मचा हड़कंप, 12 लोगों की मौ'त, 300 से अधिक घायल; उड़ानें रद्द

punjabkesari.in Sunday, Oct 11, 2026 - 06:46 AM (IST)

रियादः सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने एक सप्ताह के भीतर तीसरा भीषण हमला किया है। शनिवार को हुए इस हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई और 309 लोग घायल हो गए। घायलों में कई की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। हूती विद्रोहियों ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया है कि उन्होंने रियाद एयरपोर्ट का परिचालन पूरी तरह बंद कर दिया है।

मृतकों में अमेरिकी व सऊदी नागरिक शामिल, अस्पतालों में मची चीख-पुकार
सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार, मृतकों में 4 सऊदी नागरिक, 2 बांग्लादेशी और अमेरिका, जॉर्डन, फिलिस्तीन, सीरिया, सूडान और मिस्र के 1-1 नागरिक शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एयरपोर्ट परिसर के भीतर एक जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद डिपार्चर गेट के पास की छत गिर गई। हमले के बाद दर्जनों एम्बुलेंस और हेलीकॉप्टर के जरिए घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे स्थानीय अस्पताल मरीजों से पट गए।

उड़ानें पूरी तरह ठप, सऊदी हवाई क्षेत्र से दूर रहने की चेतावनी
हमले के बाद रियाद आने वाली सभी उड़ानों को रद्द या डायवर्ट कर दिया गया और हवाई अड्डे का संचालन अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया। फ्लाइट-ट्रैकिंग वेबसाइट 'फ्लाइटराडार24' के मुताबिक, एयरपोर्ट पर उड़ानों की आवाजाही पूरी तरह ठप दिखी। हूती विद्रोहियों ने एयरलाइंस को सऊदी हवाई क्षेत्र का उपयोग न करने की चेतावनी जारी की है।

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान: 'सऊदी कार्रवाई में शामिल हो सकता है अमेरिका'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अमेरिका हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब के सैन्य हमलों में शामिल होने पर विचार कर सकता है। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि एक अमेरिकी नागरिक की मौत अत्यंत निंदनीय है और निर्दोष नागरिकों पर ऐसे हमले तुरंत रुकने चाहिए। रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने भी अपने नागरिकों को एयरपोर्ट और आसपास के इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।

सम्मेलनों पर असर और मध्य पूर्व संघर्ष में उबाल
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब कुछ ही दिनों में रियाद में प्रमुख ऊर्जा और निवेश सम्मेलन आयोजित होने वाले हैं, हालांकि आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम तय योजना के अनुसार ही आयोजित होंगे। वर्ष 2022 में हुए संघर्षविराम के टूटने और लाल सागर में बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर हूतियों के नियंत्रण के बाद से यमन संघर्ष एक बार फिर बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है।


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Content Writer

Pardeep

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