ईरान के अब्बास बंदरगाह पर बड़ा धमाका, रिवोल्यूशनरी गार्ड को निशाना बनाने का दावा खारिज

punjabkesari.in Saturday, Jan 31, 2026 - 06:38 PM (IST)

नेशनल डेस्क : ईरान के दक्षिणी बंदर अब्बास बंदरगाह पर हुए धमाके को लेकर कई दावे सामने आ रहे हैं। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के एक नौसेना कमांडर को निशाना बनाए जाने की खबरों को ईरान ने “पूरी तरह से झूठा” बताया है। ईरानी मीडिया के मुताबिक धमाके की जांच जारी है, हालांकि फिलहाल इस पर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। इस मामले में ईरानी अधिकारियों से तत्काल टिप्पणी भी नहीं मिल सकी।

बंदर अब्बास बंदरगाह होर्मुज जलडमरूमध्य पर स्थित है, जो ईरान और ओमान के बीच एक बेहद अहम समुद्री रास्ता माना जाता है। इसी जलमार्ग से दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है, जिससे इस इलाके का रणनीतिक महत्व और भी बढ़ जाता है।

यह धमाका ऐसे वक्त में हुआ है जब तेहरान और वाशिंगटन के रिश्तों में तनाव चरम पर है। हाल के महीनों में ईरान ने पिछले तीन वर्षों के सबसे बड़े देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों को सख्ती से दबाया है। वहीं, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर पश्चिमी देशों की चिंताएं भी लगातार बनी हुई हैं।

दिसंबर में शुरू हुए ये विरोध प्रदर्शन आर्थिक संकट के खिलाफ थे, जिन्होंने ईरान के धार्मिक नेतृत्व के सामने गंभीर चुनौती खड़ी कर दी। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि इन प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 5,000 लोगों की मौत हुई, जिनमें करीब 500 सुरक्षा बलों के सदस्य शामिल थे।

इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को बयान दिया कि एक “जंगी बेड़ा” ईरान की दिशा में बढ़ रहा है। शुक्रवार को कई सूत्रों ने दावा किया कि ट्रम्प प्रशासन ईरान के खिलाफ अलग-अलग विकल्पों पर विचार कर रहा है, जिनमें ईरानी सुरक्षा बलों पर लक्षित हमले भी शामिल हो सकते हैं।

शनिवार को इससे पहले ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने अमेरिका, इज़रायल और यूरोपीय देशों पर आरोप लगाया कि वे ईरान की आर्थिक परेशानियों का फायदा उठाकर देश में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाहरी ताकतें लोगों को ऐसे साधन दे रही हैं, जिनका मकसद “राष्ट्र को तोड़ना” है।


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News Editor

Parveen Kumar

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