मंदी के मुहाने पर खड़ा है अमेरिका, इसे टालना बड़ा ही मुश्किल : गोल्डमैन के एक्सपर्ट

punjabkesari.in Monday, May 16, 2022 - 06:36 PM (IST)

इंटरनेशनल डेस्कः पहले कोरोना महामारी फिर रूस-यूक्रेन युद्ध और अब महंगाई से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ा है। दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भी इससे अछूती नहीं है। अमेरिका पर मंदी का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैश के सीनियर चेयरमैन लॉयड ब्लैंकफिन ने कहा कि अमेरिका में मंदी का बहुत बड़ा खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कंपनियों और उपभोक्ताओं से इस मंदी से निपटने के लिए तैयार रहने का कहा है।

ब्लैंकफिन ने कहा कि अगर मैं एक बड़ी कंपनी चलाता हूं, तो मैं इसके लिए तैयार रहूंगा। अगर मैं उपभोक्ता हूं, तो भी मैं इसके लिए तैयार रहूंगा।' उन्होंने कहा कि एक मंदी केक में बेक नहीं होती है और इससे बचने की बहुत पतली गली होती है। गोल्डमैन के पूर्व सीईओ ने कहा कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के पास महंगाई से निपटने के लिए बहुत पावरफुल टूल है और इससे अच्छी प्रतिक्रिया भी मिल रही है।

जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटाया
ब्लैंकफीन की इन टिप्पणियों को उसी दिन प्रसारित किया गया, जब कंपनी के अर्थशास्त्रियों ने इस वर्ष के लिए अपने अमेरिकी विकास पूर्वानुमानों में कटौती की। इसके बाद वित्तीय बाजारों में गिरावट देखने को मिली। जेन हेट्ज़ियस के नेतृत्व में गोल्डमैन की आर्थिक टीम को अब उम्मीद है कि इस साल अमेरिका की जीडीपी इस साल 2.4 फीसद की दर से ग्रोथ करेगी। यह अनुमान पहले 2.6 फीसद था। इन्वेस्टमेंट बैंक ने साल 2023 के लिए अपने अनुमान को भी 2.2 फीसद से घटाकर 1.6 फीसद कर दिया है।

महंगाई कम करने में मिलेगी थोड़ी मदद
गोल्डमैन सैश की रिपोर्ट में इसे "आवश्यक विकास मंदी" कहा है, ताकि महंगाई को कम करके फेड के लक्ष्य 2 फीसद तक लाया जा सके। हालांकि, मंदी बेरोजगारी को बढ़ाएगी, लेकिन गोल्डमैन इन्वेस्टमेंट बैंक आशावादी था कि बेरोजगारी में तेज वृद्धि से बचा जा सकता है। ब्लैंकफिन ने कहा कि अब महंगाई में थोड़ी गिरावट देखी जा सकती है, क्योंकि चीन में कोविड-लॉकडाउन धीरे-धीरे खुल रहा है और सप्लाई चेन में सुधार आ रहा है। हालांकि, ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी जैसी कुछ चीजें हैं, जो चिंता बढ़ा रही हैं।

वैश्वीकरण से बहुत हुआ फायदा लेकिन अब हालात अलग
ब्लैंकफिन ने कहा, अमेरिकियों को वैश्वीकरण से लंबे समय तक फायदा हुआ। इसने सस्ते विदेशी श्रमिकों के कारण वस्तुओं और सेवाओं को सस्ता बना दिया। उन्होंने कहा, 'अब हम उन आपूर्ति श्रृंखलाओं पर भरोसा करने में कितने सहज हैं, जो यूएस की सीमाओं के भीतर नहीं हैं और जिन्हें हम नियंत्रित नहीं कर सकते हैं?' उन्होंने कहा, 'क्या हम ताइवान से अपने सभी सेमीकंडक्टर प्राप्त करने के बारे में सोच सकते हैं, जो कि चीन की वस्तु की तरह है।'


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Yaspal

Related News

Recommended News