मादुरो को पकड़ने के अमेरिकी ऑपरेशन में 55 सैनिकों की मौत, पहली बार सामने आए आधिकारिक आंकड़े
punjabkesari.in Wednesday, Jan 07, 2026 - 12:27 AM (IST)
इंटरनेशनल डेस्कः वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए किए गए अमेरिकी विशेष सैन्य ऑपरेशन में कुल 55 सैनिकों की मौत हुई है। इसमें 23 वेनेजुएला और 32 क्यूबा के सैन्य और सुरक्षा बलों के जवान शामिल हैं। मंगलवार को काराकस और हवाना की ओर से जारी आंकड़ों में इसकी पुष्टि की गई।
वेनेजुएला सेना ने पहली बार मानी अपने जवानों की मौत
वेनेजुएला की सेना ने पहली बार स्वीकार किया कि शनिवार को अमेरिका द्वारा किए गए हमलों में उसके 23 सैनिक मारे गए। यह हमला मादुरो को सत्ता से हटाने और गिरफ्तार करने के लिए किया गया था। हालांकि, अब तक वेनेजुएला सरकार ने आम नागरिकों के हताहत होने की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
क्यूबा ने भी जारी की मृतकों की सूची
क्यूबा पहले ही यह बता चुका था कि उसके 32 सैनिक और आंतरिक मंत्रालय के सुरक्षा कर्मी इस ऑपरेशन में मारे गए। ये सभी जवान काराकस में तैनात थे। मृतकों की उम्र 26 से 67 साल के बीच थी, जिनमें 2 कर्नल और 1 लेफ्टिनेंट कर्नल शामिल थे।
मादुरो की सुरक्षा टीम लगभग खत्म
वेनेजुएला के रक्षा मंत्री व्लादिमीर पाद्रिनो लोपेज के मुताबिक, मारे गए क्यूबाई जवानों में से कई मादुरो की निजी सुरक्षा टीम का हिस्सा थे। इस हमले में मादुरो की सुरक्षा व्यवस्था लगभग पूरी तरह तबाह हो गई।
कैसे हुआ अमेरिकी हमला
यह सैन्य कार्रवाई कई चरणों में हुई। सबसे पहले अमेरिका ने सैन्य ठिकानों पर बमबारी की। इसके बाद अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज हेलिकॉप्टरों से काराकस पहुंचीं। एक परिसर से निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार किया गया। दोनों को बाद में न्यूयॉर्क ले जाया गया, जहां सोमवार को उन्होंने अदालत में पेश होकर ड्रग तस्करी और अन्य आरोपों से खुद को निर्दोष बताया।
मैक्सिको की अपील: मादुरो को मिले निष्पक्ष सुनवाई
मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबाउम ने अमेरिका से अपील की कि मादुरो को “निष्पक्ष और न्यायपूर्ण ट्रायल” दिया जाए।
अंतरिम राष्ट्रपति बनीं डेल्सी रोड्रिगेज
मादुरो की गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद ही उनकी पूर्व डिप्टी डेल्सी रोड्रिगेज को वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ दिलाई गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह रोड्रिगेज के साथ काम करने को तैयार हैं, बशर्ते वे अमेरिकी कंपनियों को वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार तक पहुंच दें।
दोहरी चुनौती में फंसी रोड्रिगेज
डेल्सी रोड्रिगेज के सामने बड़ी चुनौती है— एक तरफ अमेरिका की मांगें और दूसरी तरफ मादुरो समर्थकों और कट्टरपंथी नेताओं को साथ बनाए रखना। उन्होंने मादुरो सरकार के उन कठोर नेताओं के साथ एकजुटता दिखाने की कोशिश की है, जिनके पास सुरक्षा बलों और अर्धसैनिक संगठनों का नियंत्रण है। ये बल पिछले कुछ दिनों से सड़कों पर गश्त कर रहे हैं।
पत्रकारों की गिरफ्तारी से सवाल
यह संकेत भी मिला कि देश में दमनकारी सुरक्षा तंत्र अब भी सक्रिय है। सोमवार को संसद में राष्ट्रपति शपथ समारोह की कवरेज कर रहे 14 पत्रकारों और मीडिया कर्मियों को हिरासत में लिया गया। इनमें ज्यादातर विदेशी मीडिया से जुड़े थे। इसके अलावा, कोलंबिया सीमा के पास दो और विदेशी पत्रकारों को भी हिरासत में लिया गया। हालांकि बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।
विपक्ष का हमला: “डेल्सी रोड्रिगेज पर भरोसा नहीं”
वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने एक न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि डेल्सी रोड्रिगेज पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, “डेल्सी रोड्रिगेज यातना, उत्पीड़न, भ्रष्टाचार और नशीले पदार्थों की तस्करी की मुख्य योजनाकारों में से एक हैं।”मचाडो ने यह भी आरोप लगाया कि वे रूस, चीन और ईरान की करीबी सहयोगी हैं और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए भरोसेमंद नहीं हैं।
ट्रंप की चेतावनी
हालांकि ट्रंप फिलहाल रोड्रिगेज के समर्थन में दिखे हैं, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि अगर वह वॉशिंगटन की शर्तें नहीं मानतीं, तो उन्हें “मादुरो से भी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।” अब तक कैबिनेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। गृह मंत्री डियोसडाडो काबेलो और रक्षा मंत्री पाद्रिनो लोपेज अपने पदों पर बने हुए हैं और इन्हें वेनेजुएला की असली ताकत माना जाता है।
आगे क्या होगा? चुनाव और बदलाव की संभावना
एक सेवानिवृत्त जनरल का मानना है कि डेल्सी रोड्रिगेज अमेरिका की तेल और खनन कंपनियों के लिए रास्ता खोल सकती हैं। अमेरिका से कूटनीतिक रिश्ते फिर से शुरू कर सकती हैं, जो 2019 में टूट गए थे। मानवाधिकारों को लेकर दबाव कम करने के लिए राजनीतिक कैदियों को रिहा कर सकती हैं।
ट्रंप का बड़ा आरोप
ट्रंप ने मंगलवार को मादुरो को “हिंसक आदमी” बताते हुए कहा कि उनकी सरकार ने लाखों लोगों की जान ली और यातना दी। ट्रंप ने दावा किया, “काराकस के बीचों-बीच एक यातना केंद्र है, जिसे अब बंद किया जा रहा है।”
30 दिन में चुनाव अनिवार्य
वेनेजुएला के संविधान के मुताबिक, मादुरो को औपचारिक रूप से अनुपस्थित घोषित किए जाने के बाद 30 दिनों के भीतर चुनाव कराना जरूरी है।
विपक्ष का दावा: 90% से ज्यादा वोट मिलेंगे
मारिया कोरिना मचाडो ने कहा, “अगर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव हुए, तो हम 90% से ज्यादा वोटों से जीतेंगे।” उन्होंने वादा किया कि वह वेनेजुएला को अमेरिका महाद्वीप का ऊर्जा केंद्र बनाएंगी। सभी आपराधिक नेटवर्क खत्म करेंगी। देश छोड़कर गए लाखों वेनेजुएलावासियों को वापस लाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपना नोबेल पुरस्कार (जिसे पाने की ट्रंप लंबे समय से इच्छा जताते रहे हैं) अमेरिकी राष्ट्रपति को देने को तैयार हैं। हालांकि मचाडो ने साफ किया कि 10 अक्टूबर के बाद से उनकी ट्रंप से कोई बातचीत नहीं हुई है।
