Shah Rukh-Ajay-Tiger की बढ़ी मुश्किलें ? Vimal विज्ञापन केस में Delhi HC ने सुरक्षित रखा फैसला
punjabkesari.in Tuesday, Sep 08, 2026 - 11:43 AM (IST)
Vimal Pan Masala : दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को अधिकार क्षेत्र के मुद्दे पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। यह मामला विमल इलायची से जुड़ी कंपनी द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें महाराष्ट्र खाद्य और औषधि प्रशासन द्वारा बॉलीवुड अभिनेताओं शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल पान मसाला के कथित सरोगेट विज्ञापन के लिए जारी 'कारण बताओ नोटिस' को चुनौती दी गई थी।
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की सिंगल-जज बेंच ने इस बात पर आदेश सुरक्षित रखा कि क्या दिल्ली हाई कोर्ट याचिकाकर्ता कंपनी की याचिका पर सुनवाई कर सकता है या नहीं। कंपनी ने महाराष्ट्र FDA द्वारा जारी 'कारण बताओ नोटिस' को रद्द करने के निर्देश देने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता कंपनी ने तर्क दिया कि महाराष्ट्र FDA के नोटिस केवल अभिनेताओं को जारी किए गए थे, न कि खुद कंपनी को, जबकि विज्ञापन के खिलाफ किसी भी कार्रवाई से कंपनी को ही अपूरणीय क्षति होगी। कंपनी ने आगे कहा कि महाराष्ट्र FDA के पास विज्ञापन रोकने के निर्देश जारी करने का अधिकार क्षेत्र नहीं था। दिल्ली हाई कोर्ट के समक्ष याचिका की स्वीकार्यता का विरोध करते हुए, केंद्र और केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने तर्क दिया कि याचिका बॉम्बे हाई कोर्ट में दायर की जानी चाहिए थी, क्योंकि संबंधित कार्रवाई महाराष्ट्र FDA द्वारा की गई थी। CCPA ने कहा कि हालांकि वह इस मामले की स्वतंत्र रूप से जांच कर रहा है, लेकिन उसे महाराष्ट्र FDA द्वारा नोटिस जारी करने पर कोई आपत्ति नहीं है। दिल्ली हाई कोर्ट को यह भी बताया गया कि CCPA विज्ञापन से जुड़े इसी तरह के आरोपों पर अपनी कार्यवाही कर रहा है लेकिन उसने अभियान के खिलाफ कोई निर्देश जारी नहीं किया है। यह मामला महाराष्ट्र FDA द्वारा तीन अभिनेताओं को विमल इलायची के विज्ञापन में उनकी उपस्थिति के लिए जारी 'कारण बताओ नोटिस' से जुड़ा है।
रेगुलेटर ने आरोप लगाया था कि यह अभियान विमल पान मसाला के लिए सरोगेट विज्ञापन के बराबर है - एक ऐसा उत्पाद जो महाराष्ट्र में प्रतिबंधित है - और अभिनेताओं से विज्ञापन में उनकी भागीदारी के बारे में स्पष्टीकरण मांगा था। FDA ने खाद्य सुरक्षा और मानक (FSS) अधिनियम, 2006 की धारा 24 का हवाला दिया था, जो खाद्य उत्पादों से संबंधित भ्रामक या धोखेपूर्ण विज्ञापनों पर रोक लगाती है। इसमें धारा 53 का भी जिक्र किया गया था, जिसके तहत खाने-पीने की चीज़ों के भ्रामक विज्ञापनों के लिए 10 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। ये नोटिस महाराष्ट्र FDA के उस बड़े अभियान के तहत जारी किए गए थे जो तंबाकू वाले गुटखा और पान मसाला उत्पादों के खिलाफ चलाया जा रहा है। रेगुलेटर ने आरोप लगाया था कि विज्ञापन 'विमल' नाम से किसी दूसरे उत्पाद का प्रचार करके 'विमल पान मसाला' ब्रांड के साथ अप्रत्यक्ष संबंध बनाता है।
FDA के नोटिस में कहा गया था कि पहली नजर में यह विज्ञापन 'विमल' ब्रांड का प्रचार करता हुआ लग रहा था, जो मुख्य रूप से पान मसाला से जुड़ा है। पान मसाला के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर महाराष्ट्र में इस साल 13 जुलाई को जारी प्रतिबंध आदेश के तहत एक साल के लिए रोक लगाई गई है। FDA ने देवगन को जुहू स्थित उनके घर पर और शाहरुख खान को बांद्रा स्थित 'मन्नत' में नोटिस भेजा था। श्रॉफ को उनकी प्रोडक्शन कंपनी, टाइगर श्रॉफ प्रोडक्शंस LLP के जरिए नोटिस भेजा गया था।
हाल ही में, महाराष्ट्र FDA ने पुष्टि की थी कि उसे श्रॉफ और देवगन से जवाब मिल गए हैं,जबकि शाहरुख खान के जवाब का इंतजार था। रेगुलेटर ने कहा था कि वह जवाबों की जांच कर रहा है और आगे की कार्रवाई का फैसला करने से पहले यह तय करेगा कि विज्ञापन में किए गए दावे और उत्पाद का प्रचार लागू नियमों के अनुरूप हैं या नहीं। FDA ने यह भी कहा था कि इस आरोप की जांच चल रही है कि विज्ञापन में सरोगेट मार्केटिंग के जरिए किसी दूसरे उत्पाद के नाम या रूप का इस्तेमाल करके एक अलग उत्पाद की बिक्री को बढ़ावा दिया गया। महाराष्ट्र FDA ने कमिश्नर तुकाराम मुंडे के नेतृत्व में हाल के महीनों में पूरे राज्य में खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है, जिसमें मिलावट और प्रतिबंधित गुटखा व तंबाकू-युक्त पान मसाला के निर्माण और वितरण से जुड़ी कार्रवाई शामिल है
