‘रामायणम्’ के ‘मंगल रंग’ में दिखी राम-सीता के प्रेम की झलक, अरिजीत-श्रेया की आवाज ने बनाया खास

punjabkesari.in Sunday, Oct 25, 2026 - 11:02 AM (IST)

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। नमित मल्होत्रा की ‘रामायणम्’ से एक और गाना ‘मंगल रंग’ को मेकर्स ने रिलीज़ कर दिया है। इस म्यूजिकल पेशकश के साथ दर्शकों को न सिर्फ फिल्म की दुनिया की झलक देखने मिली है, बल्कि साथ में भगवान राम और मां सीता के खूबसूरत पलो से सजे विजुअल्स को भी खास अंदाज में पेश किया गया है। महाकाव्य से सामने आए दूसरे गाने में शानदार नज़ारे, भव्य महल और खूबसूरत जोड़ी के शादी की झलक भी देखने मिलती है, जिसमें उनके रिश्ते को लेकर बनी गहरी भावनात्मक को महसूस किया जा सकता है। 

गाने जिसमें रणबीर कपूर को भगवान राम और साईं पल्लवी को माता सीता के रूप में देखा जा रहा है, वह एक्सक्लूसिव टी-सीरीज के ऑफिशल यूट्यूब चैनल वर्ल्ड ऑफ रामायणम् पर उपलब्ध है। 'मंगल रंग' गाने को मेकर्स द्वारा हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में एक साथ रिलीज़ किया गया है, इस तरह से गाना अलग-अलग भाषाओं के दर्शकों तक पहुंचता है। यह गाना राम और सीता के सफर के अलग-अलग पलों को खुद में लिए हुए है, जिसमें महल की भव्यता, शादी की पवित्रता और अयोध्या से दूर रहने वाले पल शामिल हैं। राम को दिखाने वाले सींस में वे तीर, धनुष के साथ तलवार लिए हुए हैं। जबकि, शानदार नजरों से सजी इस दुनिया में महाकाव्य की कहानी को रचा गया है। 

ग्रैंड सेटिंग के अलावा ‘मंगल रंग’ गाने की खास बात यह भी है कि यह राम और सीता के बीच के अनोखे बंधन की दिखाता है। गाने में शादी के सीन में रिश्ते की पवित्रता और उसे लेकर होने वाली खुशी देखने मिलती है, जबकि वनवास के सफर वाले पल उनके रिश्ते के अलग रंग को खुद में लिए हुए हैं। यह पल महल के सुख से दूर राम और सीता को बेहद करीब से दर्शकों के सामने पेश करता है। कहना होगा कि ऐसा यह पल है जब दोनों ने अपने कर्तव्य को निभाते हुए, सिर्फ एक दूसरा का साथ ही नहीं दिया है बल्कि एक नए जीवन का आगाज भी किया है। 

रामायणम् के इस शानदार गाने को कई बेहतरीन टैलेंट्स ने साथ मिलकर आकार दिया है। जहां इसे ए. आर. रहमान द्वारा कंपोज किया गया है, वहीं इसके हिंदी में बोल डॉ. कुमार विश्वास ने लिखे हैं। गाने के हिंदी वर्जन को अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल ने अपनी सुरीली आवाज से सजाया है, जबकि दूसरी भाषाओं में भी इसे कई अलग-अलग सिंगर्स और लिरिसिस्ट ने आकार दिया है, और इस तरह से यह सभी मिलकर गाने में इमोशनल कोर को दर्शकों तक दुनिया भर में पहुंचा रहे हैं। 

बता दें कि तमिल वर्ज़न को अभय जोधपुरकर और सैंधवी ने गाया है, और इसके बोल कार्तिक नेथा ने लिखे हैं। जबकि, तेलुगु वर्ज़न को राघव कौशिक और वैशाली सामंत ने अपनी आवाज से सजाया है, और इसके बोल राकेंदु मौली ने लिखे हैं। कन्नड़ वर्ज़न में अरमान मलिक और बेला शेंडे की आवाज है, वहीं बोल कार्तिक सरागुर ने लिखे हैं, मलयालम वर्ज़न को नरेश अय्यर और अमृता राजन ने अपनी आवाज दी है, जिसे विनायक शशि कुमार ने लिखा है।

नमिता मल्होत्रा की रामायणम् के गाने मंगल रंग के बारे में बात करते हुए, म्यूज़िक कंपोज़र ए.आर. रहमान शेयर करते हैं, "रामायणम् एक ऐसी कहानी है जो पीढ़ियों से लोगों के दिलों में बसी है, और इसे म्यूजिक के ज़रिए छूना मेरे लिए एक बहुत खास एक्सपीरियंस रहा। राम और सीता के रिश्ते में एक खास तरह की पवित्रता और सौम्यता है, जिसे मैं म्यूजिक में बनाए रखना चाहता था। 'मंगल रंग' के साथ, मुझे उम्मीद है कि लिस्नर्स उस गर्माहट और भक्ति को महसूस करेंगे, और धुन में अपनापन महसूस करेंगे। क्योंकि, कुछ कहानियों को समझाने की ज़रूरत नहीं होती; उन्हें बस महसूस करने की ज़रूरत होती है।"

नमित मल्होत्रा की ‘रामायणम्’ का हिस्सा बनने से लेकर मंगल रंग को अपनी आवाज देने के बारे में बात करते हुए अरिजीत सिंह कहते हैं, “रामायणम् एक कहानी या महाकाव्य से कही बढ़कर है, बल्कि असल में यह जिंदगी, हमारी अंतरात्मा और हमारे आसपास की हर चीज से हमारे जुड़ाव को दिखाती है। ए. आर. रहमान सर के कंपोज किए हुए ‘मंगल रंग’ की धुन मुझे शब्दों से परे एक ऐसी दुनिया में ले गई, जहां प्यार अपने सबसे खूबसूरत रूप में खिलता है। भगवान श्रीराम और माता सीता के इस अटूट रिश्ते की सच्चाई और कोमलता मुझे बार-बार उस प्यार की याद दिलाती रही, जो हम सभी को जोड़ता है, उन सभी बातों से परे जो हमें एक-दूसरे से अलग बनाती हैं। इस धुन का हिस्सा बनना मेरे लिए जिंदगी बदल देने वाला अनुभव रहा है और मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं कि मुझे उस सपने का हिस्सा बनने का मौका मिला, जिसे नमित सर और उनकी टीम साकार कर रही है। मुझे उम्मीद है कि यह गाना सभी लिस्नर्स तक प्यार, आभार और भक्ति का वही एहसास पहुंचाएगा, जो इसे गाते समय मैंने महसूस किया था।”

नमित मल्होत्रा की ‘रामायणम्’ के गाने मंगल रंग को गाने और राम और सीता के पावन प्रेम कहानी से जुड़ने के बारे में बात करते हुए *श्रेया घोषाल कहती हैं*, "राम और सीता के प्यार को जो चीज़ इतना खूबसूरत बनाती है, वो ये है कि ये साथ होने की खुशी से भी कहीं आगे की बात है। उनके रिश्ते में एक आस्था, समझ और एक खामोश ताकत है जो इसे गहराई से छू जाती है। 'मंगल रंग' गाने से मुझे उस कोमलता से जुड़ने का मौका मिला, और मैंने इसे दिल में बहुत सारा प्यार लेकर गाया। इतनी सारी लोगों के लिए इतनी मायने रखने वाली कहानी का हिस्सा बनना, मेरे लिए सच में एक एहसानमंद एहसास है। मुझे उम्मीद है कि ये गाना सुनने वालों को गर्माहट और सुकून का एहसास देगा, और उन्हें अपने तरीके से राम और सीता के रिश्ते की खूबसूरती को महसूस करने देगा।"

नमित मल्होत्रा की ‘रामायणम्’ के म्यूजिकल सफर में ‘मंगल रंग’ के जरिए शामिल होने के बारे में *अभय जोधपुरकर कहते हैं,* “रामायणम् ऐसी कहानी है, जो कई पीढ़ियों से हमारी जिंदगी और हमारी संस्कृति का हिस्सा रही है। ‘मंगल रंग’ को अपनी आवाज देना मेरे लिए बहुत इमोशनल कर देने वाला अनुभव था, खासकर इसलिए क्योंकि यह गाना श्रीराम और माता सीता के बीच प्यार और एक-दूसरे के साथ के खूबसूरत रिश्ते को दिखाता है। उनके रिश्ते में एक सच्चाई है, जो इसे हमेशा के लिए खास बनाती है। मैंने अपनी सिंगिंग के जरिए उसी एहसास को सामने लाने की कोशिश की है। मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं कि मुझे ऐसी म्यूजिकल पेशकश का हिस्सा बनने का मौका मिला, जिसके जरिए यह खूबसूरत कहानी तमिल भाषा में भी दर्शकों तक पहुंचेगी।”

‘मंगल रंग’ के तेलुगु वर्जन के जरिए ‘रामायणम्’ का हिस्सा बनने के मौके के बारे में *वैशाली सामंत कहती हैं*, “‘मंगल रंग’ का हिस्सा बनना मेरे लिए बहुत खास अनुभव रहा है। श्रीराम और माता सीता के रिश्ते में प्यार, भरोसा और भक्ति की गहरी भावना है। इस गाने में उनकी कहानी जिस खूबसूरत और कोमल अंदाज में आगे बढ़ती है, वह दिल को छू लेने वाला है। मैंने इस गाने को गाते समय भावनाओं को पूरी तरह महसूस करने की कोशिश की, ताकि इसके पीछे छिपे एहसास को सही तरीके से पेश कर सकूं। संगीत के जरिए इस खूबसूरत कहानी को तेलुगु बोलने वाले दर्शकों तक पहुंचाने का मौका मिलना मेरे लिए बहुत खुशी और सौभाग्य की बात है।”

नमित मल्होत्रा की ‘रामायणम्’ के साथ काम करने और ‘मंगल रंग’ के कन्नड़ वर्जन को अपनी आवाज देने के बारे में अरमान मलिक कहते हैं, “रामायणम् ऐसी कहानी है, जो पीढ़ियों से लोगों के दिलों से जुड़ी हुई है। इसके म्यूजिकल सफर का हिस्सा बनना मेरे लिए बहुत खुशी और गर्व की बात है। ‘मंगल रंग’ श्रीराम और माता सीता के प्यार को बेहद खूबसूरत और दिल को छू लेने वाले अंदाज में पेश करता है। मैंने अपनी सिंगिंग के जरिए उन इमोशंस को सामने लाने की कोशिश की है, ताकि धुन खुद अपनी बात कह सके। मुझे उम्मीद है कि कन्नड़ वर्जन भी सुनने वालों के दिलों से जुड़ेगा और उन्हें इस हमेशा खास रहने वाले रिश्ते की खूबसूरती को और करीब से महसूस करने का मौका देगा।”

‘मंगल रंग’ के कन्नड़ वर्जन को गाते समय श्रीराम और माता सीता के रिश्ते से जुड़े भावनात्मक एहसास के बारे में बेला शेंडे कहती हैं, “श्रीराम और माता सीता के बीच का प्यार दिल को छू लेने वाला है। उनका रिश्ता भरोसे, एक-दूसरे को समझने और ऐसे बंधन पर टिका है, जो जिंदगी के हर मोड़ पर मजबूत बना रहता है। ‘मंगल रंग’ गाने से मुझे उन भावनाओं से जुड़ने का मौका मिला और मैंने इस गाने को बहुत प्यार और श्रद्धा के साथ गाया। मुझे उम्मीद है कि इसका कन्नड़ वर्जन सुनने वालों को भी वही सुकून और अपनापन महसूस कराएगा, जो मुझे इसे गाते समय महसूस हुआ था।”

नमित मल्होत्रा की ‘रामायणम्’ के म्यूजिकल सफर का हिस्सा बनने और ‘मंगल रंग’ के मलयालम वर्जन को अपनी आवाज देने के बारे में नरेश अय्यर कहते हैं, “‘रामायणम्’ के लिए गाना मेरे लिए एक खास जिम्मेदारी है, क्योंकि यह कहानी बहुत से लोगों के लिए बेहद मायने रखती है। ‘मंगल रंग’ की सबसे खूबसूरत बात यह है कि इसकी धुन श्रीराम और माता सीता के रिश्ते को बेहद कोमल और हमेशा याद रहने वाले अंदाज में पेश करती है। मैंने इस गाने को पूरी सच्चाई और ईमानदारी के साथ गाने की कोशिश की, ताकि इसकी भावनाएं स्वाभाविक रूप से सामने आएं। मुझे उम्मीद है कि इसका मलयालम वर्जन लोगों के दिलों तक पहुंचेगा और उन्हें अपना-सा लगेगा।”

नमित मल्होत्रा की ‘रामायणम्’ के लिए ‘मंगल रंग’ के बोल लिखने के बारे में *डॉ. कुमार विश्वास कहते हैं,* “मैंने भगवान श्रीराम के दिव्य विवाह का जश्न मनाने वाला गाना लिखने के लिए कई बार कोशिश की। लेकिन हर बार जब मैं कुछ पंक्तियां लिखकर उन्हें दोबारा पढ़ता, तो मुझे लगता कि परमपिता के विवाह की भव्यता मेरी लिखी बातों से हजार गुना ज्यादा रही होगी। आखिरकार, जब मुझे लगा कि मैं अपनी लिखी पंक्तियों से संतुष्ट नहीं हो पा रहा हूं, तो मैंने मां सरस्वती से प्रार्थना की। आज यह रचना जिस रूप में सामने आई है, मेरा मानना है कि यह उन्हीं की देन है।

भगवान श्रीराम और माता सीता का रिश्ता कई जन्मों से जुड़ा है। इसे किसी एक युग तक सीमित नहीं किया जा सकता। भगवान श्रीराम का जन्म सूर्यवंश में हुआ, जबकि माता सीता धरती माता से प्रकट हुईं। सूर्य राजशक्ति और संप्रभुता का प्रतीक है, जिसकी रोशनी धरती को रोशन करती है। वहीं, धरती खेती और पोषण की शक्ति को दर्शाती है। वह सूर्य की रोशनी को ग्रहण करके उसे अनाज, हरियाली और जीवन में बदल देती है। इसलिए श्रीराम और माता सीता का मिलन सिर्फ तय नहीं था, बल्कि जीवन के चलते रहने के लिए भी बेहद जरूरी था।”

फिल्म के इस गाने के लिए पांच भाषाओं के जाने माने कलाकारों का साथ आना आपने आप में खास है। यह फिल्म के सीन्स और राम-सीता की प्यार से भरी यात्रा को और खूबसूरत बनाता है, सबसे खास बात यह है कि गाना अलग-अलग क्षेत्रों के दर्शकों को इसका आनंद अपनी ही भाषा में लेने का मौका दे रहा है।

दुनिया द्वारा सबसे ज्यादा पूजे जाने वाले महाकाव्यों में से एक 'रामायणम्' को बड़े पर्दे पर लाया जा रहा है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी सीता, रॉकिंग स्टार यश रावण, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण के किरदार में नजर आएंगे।

नितेश तिवारी के डायरेक्शन में बनी 'रामायणम्' को नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियोज ने 8 बार ऑस्कर जीत चुके DNEG और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के साथ मिलकर बनाया है। यह फिल्म दो पार्ट में रिलीज होगी। फिल्म का  पार्ट 1, 5 नवंबर 2026 और पार्ट 2 दिवाली 2027 में दुनियाभर में हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में रिलीज होगी। फिल्म को सोनी पिक्चर्स दुनिया भर में भारत छोड़कर रिलीज करेगी, जबकि हिंदी भाषी मार्केट में धर्मा प्रोडक्शंस इसके डिस्ट्रीब्यूटर हैं। फिल्म दुनियाभर में IMAX में रिलीज होगी। जबकि फिल्म के गाने टी सीरीज के लेबल तले रिलीज़ किए जाएंगे।

 


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Content Editor

Manisha

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