तनाव के दौर में फ्रेश कॉमेडी लेकर आ रहे हैं: राघव जुयाल
punjabkesari.in Wednesday, Jul 29, 2026 - 01:11 PM (IST)
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। डांसर, होस्ट और एक्टर राघव जुयाल जल्द ही अपनी अपकमिंग फिल्म 'भाई तेरा स्टार है' के साथ बड़े पर्दे पर नजर आने वाले हैं। यह फिल्म 30 जुलाई 2026 को रिलीज होगी, जिसमें कॉमेडी, ड्रामा और भरपूर एंटरटेनमेंट का तड़का देखने को मिलेगा। फिल्म में राघव जुयाल के साथ निहारिका एनएम मुख्य भूमिकाओं में हैं, वहीं संजय कपूर, बरखा सिंह, चंदन रॉय सान्याल, विवान भटेना, निकी अनेजा वालिया और विकल्प मेहता जैसे कलाकार भी अहम किरदार निभाते दिखाई देंगे। फिल्म के बारे में राघव जुयाल और निहारिका एनएम ने पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स, जगबाणी और हिंद समाचार से खास बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश...
राघव जुयाल
सवाल: अचानक ये फिल्म रिलीज के लिए तैयार है। क्या यह आपकी सबसे तेजी से बनने वाली फिल्मों में से एक रही?
हां, यह फैसला हमने जानबूझकर लिया। पूरी टीम ने मिलकर सोचा कि फिल्म की रिलीज पहले कर दी जाए। आजकल हर घर में तनाव का माहौल है। लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में परेशानियों से घिरे हुए हैं। ऐसे समय में मुझे लगा कि लोगों को एक नई और फ्रेश कॉमेडी देखने का मौका मिलना चाहिए। इस फिल्म में घिसे-पिटे कॉमेडी फॉर्मूले नहीं हैं। यह बिल्कुल नई तरह की कॉमेडी है, जिसमें लोग खुलकर हंसेंगे। मुझे पुराने दौर की गोविंदा की फिल्में, हेरा फेरी जैसी कॉमेडी याद आती है, जहां लोग थिएटर से हंसते हुए बाहर निकलते थे। मुझे लगा कि उस खाली जगह को भरने का यही सही समय है। इसलिए हमने फिल्म की रिलीज आगे बढ़ाने का फैसला लिया।
सवाल: इस किरदार से आपकी कोई समानता नहीं है। न आप खराब अभिनेता हैं और न संघर्ष कर रहे हैं।आपने अपने अनुभव से इसमें क्या जोड़ा?
मैंने कभी अपनी जिंदगी में खुद को स्ट्रगलिंग नहीं कहा। जब मैं रियलिटी शो कर रहा था, तब भी बहुत कुछ झेला, लेकिन मैंने कभी शिकायत नहीं की। मेरा काम हमेशा मेरी तरफ से बोलता रहा। पहले मेरे डांस ने मुझे पहचान दिलाई, फिर होस्टिंग ने और अब एक्टिंग मुझे आगे लेकर जा रही है। मैं कभी शिकायत करने या खुद पर तरस खाने में विश्वास नहीं करता। मेरी जिंदगी का बड़ा लक्ष्य इतना बड़ा है कि रास्ते की छोटी-छोटी मुश्किलें उसमें सिर्फ एक छोटे-से बिंदु की तरह हैं।
सवाल: आपने बताया कि फिल्म की रिलीज प्रीपोन की गई। लेकिन शुरुआत कैसे हुई?
असल में मेरी दूसरी फिल्में भी आने वाली हैं, जैसे The Paradise, उसके बाद ABCD और भी कई प्रोजेक्ट्स हैं। जब मैंने भाई तेरा स्टार है देखी तो मुझे लगा कि यह बहुत अच्छी और अलग तरह की फिल्म बनी है। आजकल फ्रेश कॉमेडी देखने को नहीं मिलती। नए चेहरे हैं, नई कहानी है और दर्शक भी कुछ नया देखना चाहते हैं। तभी मैंने निर्देशक से कहा कि इस फिल्म को इंतजार मत कराइए, इसकी रिलीज पहले कर देते हैं। यह फैसला पूरी तरह दिल से लिया गया था क्योंकि मैं चाहता था कि लोग मुझे फिर उसी मस्ती वाले अंदाज में देखें, जिस अंदाज में उन्होंने मुझे पहले पसंद किया था। उसके बाद मैं अपनी गंभीर फिल्मों के साथ भी आऊंगा।
सवाल: एक अभिनेता के तौर पर ऐसी कौन-सी चीज है जिसे आप अपनी कमी मानते हैं और जिस पर लगातार काम करना चाहते हैं?
मुझे लगता है कि अभिनय सीखने की कोई मंजिल नहीं होती। यह जिंदगीभर चलने वाली प्रक्रिया है। अभिनय एक समंदर की तरह है, जिसमें हर दिन कुछ नया सीखने को मिलता है। आपको लगातार खुद को बदलना और बेहतर बनाना पड़ता है। आज से 10-12 साल पहले मैं स्टेज पर या डांस में जैसा था, आज बिल्कुल वैसा नहीं हूं। समय के साथ मैंने खुद को बदला है और आगे भी बदलता रहूंगा। यह तभी संभव है जब आप लगातार अपने ऊपर काम करें और अपनी कमियों को पहचानें।
मुझे पता है कि मुझे अपनी आवाज़ पर और मेहनत करनी है। इसलिए जब भी मौका मिलता है, मैं किसी क्लासिकल सिंगर या म्यूज़िशियन के साथ बैठता हूं। शारीरिक अभिव्यक्ति पर तो मैं लगातार काम करता ही रहता हूं क्योंकि मैं डांसर हूं। लेकिन एक कलाकार के लिए सीखना कभी खत्म नहीं होता। चाहे इम्प्रोव थिएटर हो, कोई नई वर्कशॉप हो या कोई नया अनुभव हर चीज आपको बेहतर कलाकार बनाती है।
निहारिका एनएम
प्रश्न: क्या इस फिल्म को हम पुराने दौर वाली Escapism Entertainment कह सकते हैं?
दर्शकों के लिए यह निश्चित रूप से मनोरंजन है, लेकिन इसकी सबसे खास बात यह है कि यह काफी रिलेटेबल भी है। हम सभी अपनी जिंदगी में किसी न किसी ऐसे इंसान को जानते हैं, जो दिल का बहुत अच्छा होता है लेकिन उसकी सोच और हरकतें थोड़ी अजीब या ओवरकॉन्फिडेंट होती हैं। मेरे किरदार की यही खासियत है कि वह ऐसे इंसान को सहन भी करती है और समझती भी है। फिल्म के सभी किरदार बहुत वास्तविक हैं। सिर्फ परिस्थितियां थोड़ी असामान्य हैं, लेकिन किरदार पूरी तरह असली।
सवाल: आपके किरदार में ऐसी कौन-सी बात थी जिससे आप खुद को जोड़ नहीं पा रही थीं और उसमें क्या बदलाव किए?
जब मैंने पहली बार स्क्रिप्ट पढ़ी, तब मेरा किरदार काफी भोला, शर्मीला और सीधा-सादा था। ऐसा लगता था कि वह हीरो की हर बात आसानी से मान लेगी। लेकिन शूटिंग शुरू होने के बाद चीजें बदल गईं। राघव की स्क्रीन एनर्जी इतनी ज्यादा थी कि अगर मैं उतनी ही भोली और शांत रहती, तो दृश्य प्रभावी नहीं लगता। इसलिए मैंने अपने किरदार में बदलाव किया। वह मजबूत बनी, जवाब देना सीख गई, लेकिन अंदर से उसकी अच्छाई बरकरार रही। वह राघव के किरदार की बेवकूफियों को सहती भी है और जरूरत पड़ने पर उसे उसी अंदाज में जवाब भी देती है।
सवाल: आपके लिए इस फिल्म तक पहुंचने का सफर कैसा रहा? क्या आपको ऑडिशन या लुक टेस्ट देना पड़ा?
हां, मेरा लुक टेस्ट हुआ था। निर्देशक को लगा कि मैं इस तरह की कैओटिक कॉमेडी के लिए फिट बैठूंगी। शायद उन्हें लगा कि मैं असल जिंदगी में भी थोड़ी-बहुत ऐसी ही हूं। इसलिए उन्हें लगा कि यह किरदार मेरे लिए बिल्कुल सही रहेगा और मुझे भी यह रोल काफी पसंद आया।
सवाल: आपके हिसाब से ऐसी कौन-सी चीज है जो कभी-कभी आपको अभिनेता के तौर पर रोकती है या चुनौती देती है?
मुझे लगता है कि जब भी मैं कोई ऐसी चीज करती हूं जो पहले कभी नहीं की होती, तो कई बार मैं अपने ही दिमाग में उलझ जाती हूं। मैं जरूरत से ज्यादा सोचने लगती हूं और खुद पर अनावश्यक दबाव बना लेती हूं। जब ऐसा होता है, तो मैं अपने ही विचारों में फंस जाती हूं और वहां से बाहर निकलना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। ऐसे समय में मुझे खुद से बात करनी पड़ती है या फिर मेरा मैनेजर मुझे समझाता है कि ज़्यादा मत सोचो, बस अपना काम करो। मेरी सबसे बड़ी चुनौती यही है कि मैं बहुत ज़्यादा ओवरथिंक करती हूं। छोटी-सी बात भी मेरे दिमाग में बहुत बड़ी बन जाती है और फिर मैं बेवजह तनाव लेने लगती हूं।
