इन्हें जन्म कौन दे रहा है ? Gen Z की रील देख उल्टी आती है ... प्रदर्शनकारियों पर भड़की Kangana Ranaut
punjabkesari.in Tuesday, Jul 28, 2026 - 04:24 PM (IST)
Kangana Ranaut on CJP Protest : कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर राजनीति से लेकर बॉलीवुड तक लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी बीच अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने आंदोलन में शामिल Gen Z युवाओं ले व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि इन विरोध प्रदर्शनों से जुड़े वीडियो देखकर वह काफी परेशान हुई हैं और कुछ समय के लिए सोशल मीडिया से दूरी बनाने का फैसला किया है।
हाल ही में कंगना ने Gen Z छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े वॉयरल वीडियो पर प्रतिक्रिया दी। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री हाल
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया था, जहां छात्रों ने अलग-अलग तरीकों से अपना विरोध दर्ज कराया।
Gen-Z रील्स को देख भड़की कंगना
इस आंदोलन में सबसे बड़ी भागीदारी Gen-Z युवाओं की रही। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदर्शन तो समाप्त हो गया लेकिन उससे जुड़े कई वीडियो और रील्स सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे। इन्ही वायरल क्लिप्स को देखने के बाद कंगना ने कड़ी नाराजगी जाहिर की और Gen-Z प्रदर्शनकारियों के व्यवहार और भाषा पर सवाल उठाए।

सोशल मीडिया पर कंगना रनौत ने शेयर किया नोट-
मैंने अपनी जिंदगी में कभी भी एक ही जगह इतनी बदसूरती नहीं देखी। Gen Z के इन प्रदर्शनों की रीलें देखकर उल्टी जैसा महसूस होता है। जिस तरह ये लोग बात करते हैं और जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं, वैसा मैंने पहले कभी नहीं देखा। हर एक फ्रेम बेहद असहज और बेहद भद्दा लगता है। आखिर इन्हें जन्म कौन दे रहा है और इनकी परवरिश कौन कर रहा है ?
भारत विविधताओं से भरा एक खूबसूरत देश है। यहां के लोग शालीनता, संस्कृति और सभ्यता की जड़ों से जुड़े हुए हैं। लेकिन जब आप खुद को कॉकरोच कहते हैं और आपका व्यवहार भी वैसा ही होता है तो उसमें कोई विरोधाभास नहीं है। आप रीलों को देखकर मैं मानसिक रूप से विचलित हो गई हूं। मुझे अब थोड़ी हीलिंग और डिजिटल डिटॉक्स की जरुरत है।
अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक नोट शेयर करते हुए कंगना रनौत ने लिखा, 'मैंने कभी एक जगह इतनी भद्दी चीजें नहीं देखीं. Gen-Z प्रदर्शनों के रील देखने लायक नहीं हैं. बोलने का तरीका और भाषा इतनी कच्ची और खराब है कि हर फ्रेम में असहज महसूस होता है. इन्हें जन्म कौन दे रहा है और पाल-पोस कौन रहा है?'
