मुस्लिम पति को हिंदू बनाया ? धर्म के नाम पर बच्चे को भी सुनाया, भड़की Devoleena बोलीं- त्रिशूल-तलवार लेकर खड़ी हो जाउंगी
punjabkesari.in Thursday, Sep 10, 2026 - 11:47 AM (IST)
Devoleena : टीवी की गोपी बहु यानी देवोलिना भट्टाचार्जी ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में अपनी निजी जिंदगी और अंतर-धार्मिक शादी पर बेबाकी से बात की। उन्होंने बताया कि वह और उनके पति शाहनवाज शेख एक-दूसरे की आस्था का पूरा सम्मान करते हैं था हिन्दू और मुस्लिम दोनों त्यौहार साथ मिलकर मनाते हैं। इसी के साथ उन्होंने मां बनने के बाद उनके जीवन और सोच में आए बदलावों पर भी उन्होंने चर्चा की।

देवोलीना ने यह भी साझा किया कि अलग-अलग धर्मों में शादी करने के कारण उन्हें आज भी दोनों तरफ से ट्रोलिंग का सामना करना पड़ता है। जहां एक तरफ कुछ लोग मानते हैं कि उन्होंने शाहनवाज का धर्म परिवर्तन करा दिया है, वहीं दूसरी तरफ उनके अपने समुदाय के कुछ लोग उनके तलाक तक की भविष्यवाणियां करने लगते हैं। अब तो लोगों ने उनके बच्चे को भी विवादों में घसीटना शुरू कर दिया है और उसके धर्म को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं।
बच्चे के लिए त्रिशूल-तलवार लेकर खड़ी हो जाउंगी
देवोलीना ने ट्रोल्स पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि कौन सा धर्म किसी मासूम बच्चे को निशाना बनाना सिखाता है । उन्होंने कहा कि लोग अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर भगवान या काबा की तस्वीरें तो लगा लेते हैं लेकिन उनके व्यवहार में धार्मिक संस्कारों की झलक तक नहीं दिखती। उनके अनुसार, सच्चा धार्मिक व्यक्ति दूसरों को नीचा दिखाने या बच्चों पर टिप्पणी करने जैसी घटिया हरकतें नहीं करता।

अपने बच्चे की ट्रोलिंग पर बात करते हुए वह भावुक हो गईं और कहा कि दुनिया की कोई भी मां अपने बच्चे के खिलाफ एक शब्द भी बर्दाश्त नहीं कर सकती। उन्होंने मां की ताकत और संवेदनशीलता को बयां करते हुए साफ़ शब्दों में कहा कि अपने बच्चे की सुरक्षा और ढाल बनने के लिए वह किसी भी हद तक जाने और हर चुनौती से टकराने के लिए तैयार हैं।
क्राइम सीन देखकर सीना फट जाता है
देवोलीना ने मासूम बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर गहरा दुःख जताते हुए कहा कि मीडिया में ऐसी खबरें देखकर उनका दिल दहल जाता है। उन्होंने स्वीकार किया कि खुद मां बनने के बाद इन दर्दनाक घटनाओं का असर उन पर हमले से कहीं ज्यादा गहरा होने लगा है।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मां बनने के इस अनुभव ने उन्हें अपनी मां के त्याग और महत्व का सही अहसास कराया है। अब वह समझ पा रही हैं कि एक माँ होना वास्तव में क्या होता है, जिससे उनके दिल में अपनी माँ के लिए प्यार और सम्मान पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गया है।

