Yamuna Chhath: ये है यमुना छठ का शुभ मुहूर्त और भगवान श्री कृष्ण की पटरानी की महिमा

punjabkesari.in Wednesday, Apr 02, 2025 - 02:07 PM (IST)

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Yamuna Chhath 2025: यमुना छठ (Yamuna Chhath) यमुना छठ चैत्र मास में शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है, जो कि चैत्र नवरात्रि के दौरान आती है। भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं में ये एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो खासकर उत्तर भारत में बड़े श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। यह पर्व यमुना नदी की पूजा के लिए समर्पित है और खासकर छठ पूजा की तरह मनाया जाता है। इस रोज यमुना नदी में स्नान और उनकी महिमा का गुणगान किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, यह पर्व यमुना नदी की पवित्रता और उसके साथ जुड़े धार्मिक महत्व को उजागर करने का अवसर है।

Yamuna Chhath
Yamuna Chhath 2025 Shubh Muhurat यमुना छठ शुभ मुहूर्त
चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि 2 अप्रैल को 11:49 पी एम पर शुरू होगी। इस तिथि का समापन 3 अप्रैल को सुबह 09:41 पी एम पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, यमुना छठ 3 अप्रैल 2025 गुरुवार को मनाई जाएगी।

Yamuna Chhath

Importance of Yamuna Chhath यमुना छठ का महत्व: यमुना नदी को भारत की सबसे पवित्र नदियों में से एक माना जाता है। यमुना का धार्मिक महत्व भगवान श्री कृष्ण से जुड़ा हुआ है। यमुना महारानी भगवान श्री कृष्ण की 8 पटरानियों में से एक हैं। यह ब्रजवासियों द्वारा पूजनीय हैं। यमुना नदी की गोदी में खेलते हुए बाल गोपाल ने अपने बचपन के दिनों को बिताया था। यह नदी न केवल भारत की सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है, बल्कि यह भी माना जाता है कि यमुना में स्नान करने से व्यक्ति के सारे पाप समाप्त हो जाते हैं और वह मोक्ष की प्राप्ति करता है। इस दिन विशेष रूप से यमुना नदी के किनारे पूजा का आयोजन होता है और लोग अपने परिवार के कल्याण और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। यमुना छठ का आयोजन खासकर मथुरा, वृंदावन, आगरा और अन्य यमुना पार क्षेत्र में बड़े धूमधाम से होता है।

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Content Writer

Niyati Bhandari

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