17 जनवरी को शिवमय होगा बिहार- एक ही पत्थर में विराजे 1008 महादेव, विराट रामायण मंदिर में होगी भव्य स्थापना

punjabkesari.in Wednesday, Jan 07, 2026 - 01:26 PM (IST)

World Largest Sahastra Shivling : आस्था और वास्तुकला के संगम से बिहार की धरती पर एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। तमिलनाडु के महाबलीपुरम से शुरू हुई भक्ति की यात्रा अब अपने गंतव्य यानी पूर्वी चंपारण के कैथवलिया स्थित विराट रामायण मंदिर पहुंच चुकी है। यहां दुनिया के सबसे विशाल 'सहस्त्र शिव लिंगम' का आगमन हुआ है, जिसकी भव्यता देख हर कोई मंत्रमुग्ध है। काले ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित इस अद्वितीय शिवलिंग की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सतह पर उकेरे गए 1008 छोटे शिवलिंग हैं, जो इसे आध्यात्मिक रूप से अत्यंत प्रभावशाली बनाते हैं। आगामी 17 जनवरी को एक भव्य अनुष्ठान के साथ इसकी स्थापना की जाएगी, जिसके बाद भक्त एक ही स्थान पर सहस्त्र महादेव के दर्शन कर सकेंगे। आइए जानते हैं, इस विशाल शिवलिंग की यात्रा और इसकी अनूठी विशेषताओं के बारे में विस्तार से।

17 जनवरी को होगी भव्य स्थापना
मंदिर के मुख्य आयोजक और महावीर मंदिर ट्रस्ट के सचिव आचार्य किशोर कुणाल के अनुसार, इस अद्वितीय शिवलिंग की स्थापना 17 जनवरी को एक भव्य धार्मिक अनुष्ठान के साथ की जाएगी। यह दिन बिहार और देश के शिव भक्तों के लिए बेहद खास होने वाला है।

शिवलिंग की विशेषताएं
यह विश्व का सबसे बड़ा सहस्त्र शिवलिंग माना जा रहा है। इसे काले ग्रेनाइट पत्थर से तराशा गया है, जिसे तमिलनाडु के महाबलीपुरम के कुशल कारीगरों ने तैयार किया है। एक ही शिवलिंग में 1008 शिवलिंगों के दर्शन होने से इसकी महत्ता कई गुना बढ़ जाती है। मान्यता है कि इसके दर्शन मात्र से सहस्त्र शिव पूजन का फल प्राप्त होता है।

मंदिर की भव्यता
विराट रामायण मंदिर केवल बिहार ही नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर परिसर बनने की ओर अग्रसर है। इसका डिजाइन कंबोडिया के अंगकोर वाट मंदिर से प्रेरित है, लेकिन यह उससे भी ऊँचा और विशाल होगा।

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Content Editor

Sarita Thapa

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