विनायक चतुर्थी: इस शुभ मुहूर्त में करें पूजा, विघ्न-बाधाओं का होगा नाश

2019-11-30T06:56:35.713

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

आज प्रथम पूज्य गणेश जी को प्रसन्न करने का खास दिन है विनायक चतुर्थी। हिंदू पंचांग के अनुसार ये हर महीने शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाई जाती है। बप्पा की विधान पूर्वक पूजा करने अथवा श्रद्धा और आस्था के साथ व्रत का पालन करने वाला व्यक्ति सभी विघ्न-बाधाओं से दूर रहता है। उसकी सभी इच्छाएं पूरी होती हैं और जीवन के सभी दुखों का नाश होता है। मन्त्र, जाप या अनुष्ठान के बिना बप्पा की पूजा अधूरी मानी जाती है।   

PunjabKesari Vinayak Chaturthi on November 30

विनायक चतुर्थी का शुभ मुहूर्त
29 नवंबर को चुतर्थी तिथि का आरंभ शाम 5:40 मिनट से हो जाएगा और इसका विश्राम 30 नवंबर की शाम 6:05 पर होगा।

शुभ मुहूर्त- 30 नवंबर की सुबह 11:20 से दोपहर 1:33 तक 

PunjabKesari Vinayak Chaturthi on November 30

इस विधि से करें भगवान गणेश की पूजा
सुबह जल्दी उठकर नहाने के बाद लाल रंग के कपड़े पहनें। सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल चढ़ाएं।

गणेश चतुर्थी पर विनायक की प्रतिमा पर सिंदूर चढ़ाने से सुख मिलता है और चमकीला पन्ना चढ़ाने पर पूजक को आरोग्य मिलता है।

गणेश मंदिर जाएं, बप्पा को जटा वाला नारियल और मोदक का भोग लगाएं।

गणेश जी को दूर्वा चढ़ाते हुए इस मंत्र का जाप करें- ॐ गं गणपतये नमः 

फिर श्रीगणेश स्त्रोत, अथर्वशीर्ष और संकटनाशक स्त्रोत का पाठ करें, अंत में श्री गणेश की आरती करें।

PunjabKesari Vinayak Chaturthi on November 30

वास्तुशास्त्र के आधार पर वास्तुदोष खत्म करने के लिए आदिकाल से ही गणेश जी की वंदना की जाती रही है। गणेश जी को बुध ग्रह से संबंधित माना जाता है। इनकी पूजा-अर्चना के बिना वास्तु देव की संतुष्टि संभव नहीं और घर बनाते वक्त अगर वास्तु पर ध्यान न दिया जाए तो यह भविष्य में कष्ट देता है। 


Niyati Bhandari

Related News