Vastu Tips: सपनों का घर खरीदने का है इरादा ? बस इन 3 वास्तु नियमों का रखें ध्यान, घर में बनी रहेगी सुख-शांति
punjabkesari.in Monday, Jan 05, 2026 - 12:00 PM (IST)
Vastu tips for buying a new house : अपना खुद का घर खरीदना हर किसी के जीवन का सबसे बड़ा सपना होता है। हम लोकेशन, बजट और सुविधाओं पर तो घंटों चर्चा करते हैं, लेकिन अक्सर एक सबसे महत्वपूर्ण पहलू को भूल जाते हैं- वास्तु शास्त्र। वास्तु केवल दिशाओं का ज्ञान नहीं है, बल्कि यह घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह का विज्ञान है। अगर आप भी 2026 में अपने नए आशियाने की तैयारी कर रहे हैं, तो इन 3 बुनियादी वास्तु नियमों को कभी नजरअंदाज न करें, ताकि आपके घर में सुख, शांति और समृद्धि हमेशा बनी रहे।
मुख्य द्वार की दिशा
वास्तु में घर के मुख्य द्वार को सबसे अधिक महत्व दिया गया है क्योंकि यहीं से ऊर्जा घर के भीतर आती है। नया घर खरीदते समय ध्यान दें कि मुख्य द्वार उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में हो। इन दिशाओं को देवताओं की दिशा माना जाता है। दक्षिण-पश्चिम दिशा में मुख्य द्वार वाले घर से बचने की कोशिश करें, क्योंकि इसे संघर्ष और भारीपन का कारक माना जाता है। द्वार के ठीक सामने कोई खंभा या पेड़ नहीं होना चाहिए।
रसोई घर का स्थान
रसोई घर का सीधा संबंध परिवार के स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति से होता है। अग्नि का सही दिशा में होना घर में शांति बनाए रखता है। रसोई हमेशा घर के आग्नेय कोण यानी दक्षिण-पूर्व दिशा में होनी चाहिए। यदि ऐसा संभव न हो, तो उत्तर-पश्चिम दिशा दूसरा सबसे अच्छा विकल्प है। कभी भी किचन को उत्तर-पूर्व दिशा में न बनवाएं। इससे परिवार के सदस्यों के बीच कलह और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। साथ ही, बाथरूम और किचन के दरवाजे आमने-सामने नहीं होने चाहिए।
घर का केंद्र बिंदु
घर के बीचों-बीच के हिस्से को 'ब्रह्मस्थान' कहा जाता है। वास्तु के अनुसार, यह हिस्सा सबसे संवेदनशील और ऊर्जावान होता है। घर का मध्य भाग हमेशा खाली, साफ-सुथरा और हवादार होना चाहिए। पुराने समय में घरों के बीच में आंगन इसीलिए रखा जाता था। ब्रह्मस्थान पर कभी भी कोई भारी निर्माण, पिलर, दीवार या सीढ़ियां नहीं होनी चाहिए। यहां शौचालय या गहरे गड्ढे का होना घर की सुख-शांति में बड़ी बाधा बन सकता है।
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